Category: राज्य

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“नमस्ते ओरछा” महोत्सव में होगी प्रतिभावान कलाकारों की प्रस्तुतियां

 

मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ओरछा में ‘नमस्ते ओरछा’ महोत्सव में 6 से 8 मार्च के दौरान प्रतिभावान कलाकारों की गायन, वादन और कला प्रस्तुतियां मंच पर आयेंगी। इसके लिये देश के प्रख्यात कलाकार ओरछा आ रहे हैं।महोत्सव के प्रथम दिवस 6 मार्च को शुभारंभ के पश्चात प्रभावशाली उद्धोषणा के लिये प्रसिद्ध सुश्री मिनी माथुर और जाने-माने गीतकार और गायक श्री स्वानंद किरकिरे कार्यक्रम संयोजन का दायित्व निभायेंगे। इसके पश्चात संध्या ग्रुप और क्लिंटन सेजेरो म्यूजिक बैंड की प्रस्तुति होगी। लोकगायक श्री प्रहलाद टिपाणिया भी इस प्रस्तुति में गायेंगे। अन्य कलाकारों में संतूर वादिका सुश्री श्रुति अधिकारी, गायिका सुश्री शिल्पा राव, श्री राहुल राम और श्री अमित किलाम की प्रस्तुतियां होंगी।महोत्सव के दूसरे दिन 7 मार्च को सांस्कृतिक संध्या में कंचन घाट पर अभिनेत्री सुश्री स्वरा भास्कर कार्यक्रम का संयोजन करेंगी। इस अवसर पर शास्त्रीय गायिका सुश्री शुभा मुदगल, नृत्यांगना सुश्री अदिति मंगल दास की प्रस्तुतियां होंगी। महाआरती में ओरछा के कलाकार और नृतक हिस्सा लेंगे। इस शाम के संगीतमय कार्यक्रम में प्रथम प्रस्तुति सुश्री मोनिका डोगरा म्यूजिक बैंड की होगी। द्वितीय प्रस्तुति में दिल्ली का प्रमुख फ्यूजन बैंड, मृगया और अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फ्रांस के संगीतकार श्री मनु चाओ कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। तीसरी संगीत प्रस्तुति में इंडियन ओशियन बैंड के कलाकार विभिन्न वाद् यंत्रों का उपयोग करते हुए इस शाम में नये रंग भरेंगे। इस प्रस्तुति में सुश्री शुभा मुदगल और श्री स्वानंद किरकिरे और इस दिन प्रसिद्ध सितार वादिका सुश्री स्मिता नागदेव द्वारा भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा।महोत्सव के तीसरे दिन 8 मार्च को मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के लोकगायक श्री कालूराम बामनिया का लोकगायन प्रस्तुत होगा। महोत्सव में कला शिल्पी श्री वाजिद खान और फैशन डिजायनर सुश्री अनुपमा दयाल की कला के नमूने भी दिखाई देंगे। नमस्ते ओरछा में गायन, वादन, नृत्य, अभिनय और चित्रकला के लोकप्रिय कलाकारों के कार्यक्रम देखने का पर्यटकों और कला प्रेमियों को इंतजार है।

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अपर मुख्य सचिव श्री एम. गोपाल रेड्डी विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर पदस्थ

 

राज्य शासन ने श्री एम. गोपाल रेड्डी, उपाध्यक्ष नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण तथा अपर मुख्य सचिव जल संसाधन को विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी मुख्य सचिव कार्यालय पदस्थ किया है।इसके साथ श्री रेड्डी, उपाध्यक्ष नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी तथा प्रबध संचालक नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह-सदस्य (पुनर्वास) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का कार्य पूर्व की तरह संपादित करते रहेंगे।

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आगर-मालवा की 604 करोड़ की योजना से 480 ग्रामों को मिलेगा पेयजल : मंत्री श्री पांसे

 

आगर-मालवा जिले के, नलखेड़ा, बड़ोदा और आगर विकास खंड के 480 ग्राम के रहवासियों के हर घर-नल से जल पहुँचाने के लिए 603 करोड़ 96 लाख रुपये की समूह नल-जल योजना पर शीध्र कार्य शुरू होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि कुण्डालिया बाँध से निर्मित होने वाली इस नल-जल योजना की जल प्रदाय क्षमता 63.50 एम.एल.डी.की होगी।मंत्री श्री पांसे ने बताया कि इन ग्रामों के लोगों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति रोजाना नल-जल योजना से पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि आगर-मालवा जिला प्रदेश का पहला जिला है जहाँ इतने बड़े पैमाने पर नल-जल योजना के लिए धन राशि स्वीकृत की गई है। स्त्रोत से लेकर ग्राम की उच्च स्तरीय टंकी तक 10 साल तक नल-जल का संचालन और संधारण मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा किया जाएगा। इसी तरह ग्राम के अंदर, ग्राम स्तरीय पेयजल उप समिति द्वारा योजना का संचालन किया जाएगा। जिले के जिन 480 ग्रामों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा इनमें विकासखंड सुसनेर के 111, नलखेड़ा के 93, बडोद के 139 और आगर के 137 ग्रामों को योजना में शामिल किया गया हैं।

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कोरोना वायरस-19 पर अब तक की स्थिति ‍: मामले एवं प्रबंधन

अब तक  देश में कोरोना वायरस-19 के 29 मामलों की पुष्टि की गई है। इनमें से तीन (केरल से) मरीजों के स्‍वस्‍थ होने के बाद उन्‍हें अस्‍पताल से छुट्टी दे दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज संसद के दोनों सदनों में इसके बारे में वक्‍तव्‍य  दे रहे हैं।04 मार्च, 2020 (कल) से विस्‍तृत जांच को अनिवार्य कर दिया गया है तथा कल शाम से अधिकांश हवाई अड्डों पर जांच का काम शुरू हो गया है। राज्यों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अतिरिक्त कर्मचारियों के सहयोग से आज इसके स्‍थापित हो जाने की संभावना है।चूंकि, यात्रा से संबंधित कोरोना वायरस-19  मामलों के अलावा, सामुदायिक संक्रमण के कुछ मामलों को भी देखा गया है, इसलिए इसमें जिला कलेक्टरों और राज्यों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, राज्‍यों को जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तरों पर तेजी से द्रुत कार्रवाई टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। कोरोना वायरस-19  के प्रबंधन में निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जा रहा है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री आज शाम प्रमुख साझेदारों के साथ बैठक करेंगे।परीक्षण के लिए भेजे गए कुल 3,542 नमूनों में से  अब तक कोरोना वायरस-19  के 29  मामलों की पुष्टि की गई है। 92 नमूनों के परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है तथा 23  नमूनों का फिर से परीक्षण किया जा रहा है।

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मंत्रिमंडल ने कंपनी (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन के लिए कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी हैयह विधेयक चूक के मामले में इस कानून के तहत आपराधिकता को दूर करेगा जिसे निष्पक्ष तरीके से निर्धारित किया जा सकता है और जिसमें धोखाधड़ी के तत्व मौजूद न हो अथवा व्‍यापक सार्वजनिक हित शामिल न हो। इससे देश में आपराधिक न्याय प्रणाली को और मजबूत किया जा सकेगा। यह विधेयक कानून का पालन करने वाले उद्योगपतियों के लिए जीवन को भी सुगम बनाएगाइससे पहले कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2015 के तहत इस कानून के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया गया था ताकि इस कानून के विभिन्‍न प्रावधानों को लागू करने  आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके।

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कोरोनाचा महाराष्ट्रात एकही रुग्ण नाही; कोरोनामुळे मृत्यूचे प्रमाण केवळ अडीच टक्के – आरोग्यमंत्री

मुंबई

येथे कस्तुरबाराजावाडीकुर्लावांद्रेबाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर येथे विलगीकरण कक्षाची सुविधा करण्यात आली आहे. त्याचबरोबर सर्व जिल्हा रुग्णालयांमध्ये किमान दहा खाटांचे विलगीकरण कक्ष तयार करण्यात आले आहेत.कोरोनाच्या सर्दीतापखोकला या लक्षणांनुसार उपचार केले जात आहेत. त्याचबरोबर रोग प्रतिकार शक्ती वाढविण्याबाबत नागरिकांना मार्गदर्शन केले जात आहे. शिंकणेखोकल्यातून बाहेर पडणाऱ्या थुंकीच्या वाटे या विषाणूचा प्रसार होतो. त्यामुळे नागरिकांनी सामाजिक शिष्टाचार पाळणे आवश्यक असून खोकतांनाशिंकताना नाका तोंडावर रुमाल ठेवावाअसे आवाहन आरोग्यमंत्र्यांनी केले.केंद्र शासनाच्यावतीने डॉक्टरांना प्रशिक्षण देण्यात येत असून 6 मार्चला त्याचे पहिले सत्र दिल्ली येथे होणार आहे. राज्यातील काहीडॉक्टर त्यात सहभागी होणार असून त्यांच्या माध्यमातून राज्यातील अन्य डॉक्टरांना प्रशिक्षित केले जाईल. राज्यात पर्सनल प्रोटेक्शन कीटएन-95 मास्कट्रीपल लेअर मास्क ही आवश्यक साधनसामुग्री मुबलक प्रमाणात उपलब्ध असल्याचे आरोग्यमंत्र्यांनी सांगितले. यासाठी आवश्यक तो निधी उपलब्ध असून त्याची कमतरता भासणार नाहीअसेही त्यांनी सांगितले.या विषाणूच्या प्रतिबंधासाठी नागरिकांची जाणीवजागृती करण्याकरिता मोठ्या प्रमाणावर मोहीम हाती घेण्यात येत आहे. त्यामध्ये बॅनर्सपोस्टर्सहोर्डींगदृकश्राव्य माध्यमांवर जाहिरातीचित्रपटगृहांमधून संदेश प्रसारण आदी उपक्रम हाती घेण्यात येत आहे. सोशल मीडियातून अधिकृत संदेश पोहोचविण्यासाठी प्रयत्न केले जात आहे. यासंदर्भात सध्या सोशल मीडियातून जो चुकीचा प्रचार केला जात आहे. तो रोखण्याकरिता सायबर क्राईमच्या अतिरिक्त महासंचालकांशी चर्चा करण्यात आली आहे. अफवा पसरविणाऱ्यांवर कठोर कारवाई करण्याचे निर्देश देण्यात आले आहेत.विधिमंडळाच्या दोन्ही सभागृहाच्या सदस्यांसाठी यासंदर्भात प्रबोधनपर चर्चासत्र अधिवेशन संपण्यापूर्वी घेण्यात येईलअसे आरोग्यमंत्र्यांनी यावेळी सांगितले. नागरिकांनी मास्क वापरण्याची गरज नाही. स्वच्छ धुतलेला रुमाल वापरुन प्रतिबंध होवू शकतो असे सांगतानाच हे मास्क रुग्णालयातील कर्मचारीबाधित रुग्ण व त्यांचे नातेवाईकांनी वापरावे. अशा मास्कची साठेबाजी करणाऱ्यांवर कारवाई करण्याचा इशाराही त्यांनी दिला. सध्या इराणमध्ये 1 हजार 200 विद्यार्थी आणि नागरिक अडकले असून त्यांना परत आणण्यासाठी केंद्र शासनाच्या माध्यमातून प्रयत्न केले जात आहेत.कोरोनामुळे घाबरुन जाण्याची आवश्यकता नाहीअसे आश्वस्त करतानाचा सर्वांनी मिळून त्याचा मुकाबला करण्याचे आवाहन आरोग्यमंत्र्यांनी केले.सुमारे तीन तास चाललेल्या चर्चेत उपसभापती डॉ.नीलम गोऱ्हेविरोधी पक्षनेते प्रविण दरेकरसदसय् सर्वश्री शरद रणपिसेहेमंत टकलेमहादेव जानकरभाई जगतापप्रशांत परिचारकअनिकेत तटकरेडॉ.रणजित पाटीलभाई गिरकरविनायक मेटेजोगेंद्र कवाडेश्रीमती मनिषा कायंदेविद्या चव्हाणहुस्नबानो खलिफे आदींनी भाग घेतला.

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लावंघर उपसा सिंचन योजनेस तत्वत: मान्यता – जलसंपदा मंत्री जयंत पाटील

मुंबई

सातारा तालुक्यातील उरमोडी पाटबंधारे प्रकल्पांतर्गत असलेल्या लावंघर उपसा सिंचन योजनेस तत्वत: मान्यता देण्यात आली असून त्याबाबत पुढील कार्यवाही करावीअसे निर्देश जलसंपदा मंत्री जयंत पाटील यांनी दिले.विधानभवन येथे यासंदर्भात बैठक आयोजित करण्यात आली. यासंदर्भात संकल्पन व अंदाजपत्रक बाबत पुढील कार्यवाही करावीअसेही निर्देश देण्यात आले.लावंघर उपसा सिंचन योजनेसंदर्भात झालेल्या चर्चेत भूसंपादनन्यायालयीन अडीअडचणीपाण्याची आवश्यकता व बचत याबाबत सविस्तर चर्चा झाली. या प्रस्तावित लावंघर योजनेमध्ये लावंघरम्हसकरवाडीशिंदेवाडीकरंजेकरुन व आंबावडे या सहा गावांचा समावेश असून प्रस्तावित क्षेत्र 355 हेक्टर (आयसीए) इतके आहे.यावेळी आमदार शिवेंद्रराजे भोसलेमहाराष्ट्र कृष्णा खोरे विकास महामंडळाचे कार्यकारी संचालक खलिल अन्सारी तसेच सातारा पाटबंधारे प्रकल्प अधीक्षक अभियंता बी.आर. पवार व इतर अधिकारी उपस्थित होते.

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डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 पर उच्‍चस्‍तरीय बैठक की अध्‍यक्षता की; दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. सत्‍येन्‍द्र जैन भी मौजूद

केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है, ‘हमें देश में कोविड-19 के कारण उत्‍पन्‍न खतरे से निपटने के लिए एक इकाई के रूप में समन्वित और सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करना होगा।’  डॉ. हर्षवर्धन दिल्‍ली सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री, डॉ. सत्‍येन्‍द्र जैन की उपस्थिति में सभी वरिष्‍ठ अधिकारियों और दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों के निदेशकों/चिकित्‍सा अधीक्षकों के साथ बैठक की अध्‍यक्षता कर रहे थे मंत्रालय में सचिव सुश्री प्रीति सूदन ने दोनों मंत्रियों को वर्तमान स्थिति, वैश्विक और राष्‍ट्रीय स्थिति से अवगत कराया। उन्‍होंने बताया कि अब तक 78 देश कोविड-19 से प्रभावित हो चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन में राज्‍यों और केन्‍द्र द्वारा उच्‍च स्‍तर की सतर्कता बढ़ती जा रही है। उन्‍होंने संशोधित यात्रा प्रतिबंधों, स्‍व-घोषणा और चीन, ईरान, कोरिया गणराज्‍य, इटली और जापान तथा कोविड-19 से प्रभावित अन्‍य देशों की अनावश्‍यक यात्रा से बचने के लिए 03 मार्च, 2020 को जारी संशोधित यात्रा परामर्श की जानकारी दी।  डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हालांकि केन्‍द्रीय मंत्रालयों/विभागों के साथ अंतर-क्षेत्रीय समन्‍वय कायम किया गया है, यह प्रशंसनीय है कि राज्‍य/संघ शासित प्रदेश जिम्‍मेदारी के साथ प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त कर रहे हैं और कोविड-19 से निपटने के लिए उपयुक्‍त कार्यवाही और तैयारी कर सर्वश्रेष्‍ठ प्रयास कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि समय की मांग है कि और अधिक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि बड़े पैमाने पर इसे समुदाय में फैलने से रोका जा सके। इसके लिए समूह नियंत्रण रणनीति, जिला कलेक्‍टर को और अधिक जवाबदेह बनाने, संपर्क का पता लगाने, राज्‍य और जिला निगरानी दलों को मजबूत बनाने जैसे दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्‍यकता है।  डॉ. हर्षवर्धन ने राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे बीमारी की तैयारी और निगरानी, प्रयोगशाला रोग निदान, अस्‍पताल की तैयारी, लॉजिस्टिक प्रबंध, क्षमता निर्माण और जोखिम की जानकारी देने जैसी प्रमुख क्षमताओं को मजबूत बनाए। डॉ. हर्षवर्धन ने राज्‍यों को सलाह दी कि वे आइसोलेशन सुविधाओं की पहचान करें ताकि प्रत्‍येक जिले में जरूरत पड़ने पर पुष्‍ट/संदिग्‍ध मामलों के साथ-साथ साधनों की जरूरतों को समायोजित किया जा सके और प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक और स्‍थानीय केबल टीवी चैनलों, एफएम रेडियो आदि का इस्‍तेमाल करने सहित स्‍थानीय भाषाओं में सोशल मीडिया के जरिए सामुदायिक जागरूकता बढ़ाई जा सके।  बैठक के दौरान आईसीएमआर के सचिव डॉ. बलराम भार्गव, विशेष सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य) श्री संजीव कुमार, डीजीएचएस डॉ. राजीव गर्ग, एम्‍स (दिल्‍ली) के निदेशक डॉ. रनदीप गुलेरिया, संयुक्‍त सचिव श्री लव अग्रवाल, एसडीएमसी, ईडीएमसी, एनडीएमसी के आयुक्‍त, केन्‍द्रीय विद्यालय और दिल्‍ली सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

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एलएलपी निपटारा योजना, 2020 शुरू की गई ; पंजीयक के पास वैधानिक रूप से आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने में देरी की छूट एक बार ही होगी

यह देखा गया है कि देर से दाखिल करने पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने के कारण, जो कि देरी के मामले में वास्तव में वित्तीय बोझ बन सकता है, सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) की एक बड़ी संख्या इसका अनुपालन नहीं कर रही है। देरी की कुल अवधि के लिए विलंब शुल्‍क का भुगतान करने में उनकी अक्षमता इसका मुख्‍य कारण है।कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों के तहत, लंबित दस्तावेजों को दाखिल करने तथा भविष्य में एक योग्य एलएलपी के रूप में सेवा करने के लिए डिफ़ॉल्ट एलएलपी को अतिरिक्त शुल्क में एक बार की छूट देने का निर्णय लिया गया है।तदनुसार, केंद्र सरकार ने पंजीयक के पास वैधानिक रूप से आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने में पंजीयक एक बार देरी की अनुमति देकर “एलएलपी सेटलमेंट स्कीम, 2020” नामक एक योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।ऐसे एलएलपी, जो स्वयं योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, लंबित दस्तावेजों/प्रपत्रों को दाखिल कर सकते हैं और इस तरह के चूक के लिए मुकदमा चलाने से बचने के लिए एक बार ही ऐसी चूक कर सकते हैं।यह योजना 16 मार्च, 2020 को लागू होगी और यह 13 जून, 2020 तक प्रभावी रहेगी। यह अतिदेय दस्तावेज दाखिल करने के लिए “डिफ़ॉल्ट एलएलपी” पर लागू होगा, जो 31 अक्टूबर, 2019 तक दाखिल करने के लिए था।  इस तरह के दस्तावेज़ या रिटर्न दाखिल करने के लिए देय किसी भी शुल्क के अलावा, विलंब शुल्क की अवधि से प्रतिदिन 10 रुपये के एक मामूली अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके लिए प्रति दस्तावेज अधिकतम राशि 5,000 रुपये होगी।योजना निम्नलिखित दस्तावेजों के दाखिल करने के लिए लागू होगी:प्रपत्र 3- सीमित देयता भागीदारी समझौते और परिवर्तनों के संबंध में जानकारी, यदि कोई होप्रपत्र-4- नामित साझेदार अथवा साझेदार की नियुक्ति, समाप्ति की सूचना, नाम/पता/पदनाम में परिवर्तन तथा साझेदार /नामित साझेदार बनने के लिए सहमति/नामित भागीदार बनने के लिए सहमति की सूचना;प्रपत्र-8- खाता और सॉल्वेंसी का विवरण (वार्षिक या अंतरिम); तथाप्रपत्र-11- सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) का वार्षिक रिटर्न।इस योजना को देश के नागरिकों के रहन-सहन में अधिक से अधिक आसानी प्रदान करने के सरकार के लक्ष्‍य के अनुसरण में शुरू किया जा रहा है और एलएलपी के लिए एक महत्वपूर्ण राहत और अवसर प्रदान करने की उम्मीद है, जो कानून का पालन करें और तदनुसार व्यापार करें।

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स्पष्टीकरण

पिछले कुछ दिनों से, विभिन्न लोगों और संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री तथा अन्य अधिकारियों को ई-मेल भेजे जा रहे हैं, जिसमें नीति आयोग  के विज़न डॉक्यूमेंट का जिक्र करते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत पशुधन को शामिल करने के लिए नीति आयोग  द्वारा कथित प्रस्ताव पर चिंता जताई जा रही है   यह स्पष्ट किया गया है कि नीति आयोग  ने कभी भी पीडीएस या किसी अन्य पोषण कार्यक्रम के तहत अंडे, मांस, मछली या किसी अन्य पशुधन को शामिल करने का प्रस्ताव या चर्चा नहीं की है। कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार भ्रामक तथा बिना किसी आधार के हैं। नीति आयोग  सभी संबंधित पक्षों को यह आश्‍वस्‍त करना चाहता है कि ऐसा सुझाव या सिफारिश देने के बारे में उसका कोई प्रस्ताव नहीं है, जो समाज के किसी वर्ग की भावनाओं को आहत करता हो।