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(संशोधित) चुनाव ड्यूटी के दौरान शिक्षक की मौत

 भीलवाड़ा, 17 जनवरी ।संशोधित….  संशोधन के साथ पुन: जारी…..चुनाव ड्यूटी के दौरान शिक्षक की मौत भीलवाड़ा जिले के बिजौलियां पंचायत समिति क्षेत्र के लक्ष्मीखेड़ा बूथ पर पंचायत चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षक की शुक्रवार अल सुबह मौत हो गयी है। मृतक शिक्षक को बिजौलियां के बूथ संख्या 19 पर ड्यूटी देनी थी। ड्यूटी से ठीक पहले ही बूथ पर अचानक शिक्षक की तबीयत बिगड़ी। उसे हार्ट अटैक होने की सूचना है। मृतक रतनलाल बुनकर जिले के गेगा का खेड़ा विद्यालय में पदस्थापित थे। मृतक के शव को बिजौलिया के चिकित्सालय ले जाया गया तथा परिजनों को सूचना दी गई है। परिजन जयपुर से रवाना हो गये हैं। चुनाव ड्यूटी पर शिक्षक की मौत का मामले की सूचना पर भीलवाड़ा से जिला कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट बिजौलियां के लिए रवाना हो गये हैं। उनका वहां पर मृतक शिक्षक रतनलाल बुनकर के परिजनों से मुलाकात करने व परिजनों को सांत्वना देने का कार्यक्रम है। जिला कलेक्टर के अनुसार चुनाव ड्यूटी पर शिक्षक की मृत्यु होने के कारण मृतक कार्मिक की पत्नी को 20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जायेगी। प्रारंभिक सूचना के अनुसार मृतक रतनलाल बुनकर की ड्यूटी पर हार्ट अटैक से मृत्यु हुई है। सहायक मतदान अधिकारी के रूप में मृतक बुनकर की वहां पर ड्यूटी थी।

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सरकारें और स्वास्थ्य का सवाल

सरकारें जनतांत्रिक जिम्मेदारी से विमुख होती दिखती हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मसले हाशिए पर हैं। राजस्थान में मासूम बच्चों की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है। यह सरकारों और सिस्टम की मौत है। देश की यह कितनी बड़ी विडंबना है कि चंद्रयान मिशन के लिए हम 100 अरब की व्यवस्था करते हैं लेकिन देश के मासूमों की जान कोई कीमत नहीं रखती। राजस्थान में निमोनिया और दूसरी बीमारियां तो यूपी में दिमागी बुखार और बिहार में चमकी बुखार से मासूम बच्चों की मौत क्या साबित करती है? क्या सरकार से हटने के बाद राजनीतिक दलों की राज्य और उसकी जनता के प्रति जवाबदेही खत्म हो जाती है? सरकार और सत्ता से बाहर हुए लोग क्या मिलकर ऐसा नियोजन नहीं कर सकते, जिससे बच्चों की मौत रोकी जाय। खाद्य सुरक्षा के साथ शिक्षा अधिकार दिया गया, फिर स्वास्थ्य का अधिकार सरकारों की नैतिक जिम्मेदारी कब बनेगी?यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2017 में 14 साल की उम्र के 12 लाख 63 हजार बच्चों की मौत हुई। दुनिया में मरने वाले कुल बच्चों का यह 18.37 फीसदी है। हालांकि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की वजह और चिकित्सा क्षेत्र में नये शोधों के जरिए भी तमाम बीमारियों पर नियंत्रण हासिल किया गया है जिसकी वजह से बच्चों की मौत में कमी आई है। लेकिन जितनी कामयाबी मिलनी चाहिए उसे हम नहीं हासिल कर सके हैं। 2017 में विपुल आबादी वाले देश चीन में 05 से 14 साल के 65 हजार बच्चों की मौत हुई जबकि पांच वर्ष के कम उम्र के 1.7 लाख बच्चों की मौत हुई। चीन में हुई मौतें भारत से 81 फीसदी कम हैं। देश में सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का बेहद अभाव है। राजस्थान के जेके लोन अस्पताल में मीडिया रिपोर्ट जो आई हैं उसके मुताबिक आईसीयू जैसे अति संवेदनशील जगह में वार्मर, नेमुलाइजर और दूसरी सुविधाओं का अभाव मिला। परिजनों को बाहर से दवाएं लानी पड़ी हैं। राज्य के कई जिलों में यह आंकड़ा अब 300 के पार पहुंच गया है। कोटा में 107 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। यूपी के गोरखपुर के राघवदास मेडिकल में दिमागी बुखार से पीड़ित सैकड़ों की मौत हुई थी। इसके बावजूद शायद ही व्यस्थाएं सुधरे।हमारे लिए कितने शर्म की बात है कि हम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं तक मुहैया नहीं करा पाते हैं क्योंकि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बेहद कम बजट उपलब्ध कराया जाता है। स्वास्थ्य पर हम दो-तीन फीसदी बजट उपलब्ध कराते हैं। साल 2017-2018 के लिए भी कुल जीडीपी का महज 1.28 फीसदी बजट उपलब्ध कराया गया। यह हमारे रक्षा बजट से 75 फीसदी कम था। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार, हिमाचल, हरियाणा और असम की तुलना करें तो स्थिति बेहद बुरी है। संबंधित राज्यों में असम स्वास्थ्य सुविधाओं पर अपने कुल वित्तीय बजट का 7.2 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च करता है। जबकि दूसरे नम्बर पर हिमाचल आता है, इसका बजट 6.2 फीसदी है। राजस्थान जहां मासूम बच्चों की मौत सुर्खियों में है वहां सिर्फ 5.6 फीसदी बजट उपलब्ध है। जबकि हरियाणा स्वास्थ्य पर सबसे कम 4.2 फीसदी खर्च करता है। जरा सोचिए, इतने कम बजट में हम कैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं।दुनिया भर में हर साल तकरीबन 69 लाख बच्चों की मौत होती है। जिसमें भारत की भागीदारी 12 लाख से अधिक है। यह आंकड़े 05-14 साल तक के बच्चों के हैं। 2017 में 43 लाख नवजात शिशुओं की मौत पूरी दुनिया में हुई जिसमें भारत के 8.75 लाख नवजात शामिल थे। इस तरह कुल नवजात शिशुओं की मौत में तकरीबन 20 फीसदी भारत के थे। स्वास्थ्य सुविधाओं में बिहार के हालात बदतर हैं। यहां 10 हजार की आबादी पर महज तीन डॉक्टरों की उपलब्धता है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक साल 2017 में देशभर में 10 लाख एलोपैथिक डॉक्टर पंजीकृत थे। जिसमें तकरीबन दो लाख निष्क्रिय थे। उस लिहाज से भारत में लगभग 1300 आबादी पर एक डॉक्टर की उपलब्धता है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कम से कम 1000 हजार आबादी पर एक डॉक्टर उपलब्ध होने चाहिए। 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के लगभग 25 फीसदी डॉक्टरों के पास उस स्तर की योग्यता और दक्षता नहीं है जितनी होनी चाहिए।एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के जेके लोन अस्पताल में 6 साल में 6 हजार बच्चों की मौत हो चुकी है। अस्पताल में इन्फयूजन पंप, वार्मर, नेमुलाइजर, वेंटिलेर और फोटोथिरेपी मशीनें खराब पड़ी हैं। आईसीयू में 24 बेड के लिए सिर्फ 12 स्टाफ हैं जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार 12 बेड पर 10 स्टाफ होने चाहिए। एनआईसीयू में 42 बिस्तर हैं जिसमें 20 का स्टाफ हैं जबकि होना चाहिए 32। इस तरह के हालात केवल राजस्थान, गुजरात, यूपी और बिहार के नहीं हैं कमोबेश यह पूरे देश की स्थिति है। क्योंकि हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता में नहीं रखा है। अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, कर्मचारी, स्टाफ नर्स उपलब्ध नहीं हैं। साफ-सफाई का अभाव है। दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य बीमा के हालात ठीक नहीं हैं।
सरकारों को केंद्र-राज्यों के झगड़े से अलग हटकर दायित्व के बारे में सोचना चाहिए। मासूम बच्चों की मौत राष्ट्रीय मसला है। केंद्र सरकार को इसपर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। सरकारी अस्पतालों की दशा-दिशा पर आयोग गठित करना चाहिए। मूलभूत सुविधाओं, बेहतर दवाओं, स्वच्छता, एबुलेंस, योग्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए। आयुष्मान भारत जैसी योजना को और बेहतर तरीके से लागू करना चाहिए। स्वास्थ्य बजट पर अधिक खर्च करना होगा। चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी तय करनी होगी। मासूम बच्चों की मौत हमारे लिए राष्ट्रीय शर्म है। राष्ट्रीय विकास के सवालों पर हमें राजनीतिक गोलबंदी से बाहर आना चाहिए।

 

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राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन 12 को

जोधपुर। सूचना केन्द्र के मिनी ऑडिटोरियम में 12 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।  पंडित खींवराज शर्मा व डॉ. सपना सारस्वत ने बताया कि पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी के संरक्षण व मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले सम्मेलन में देश व विदेश से विद्वान भाग लेंगे। इसमें सन् 2020 में भारत और विश्व का भविष्य विषय पर ज्योतिर्विद विचार प्रकट करेंगे।  संस्था अध्यक्ष व सम्मेलन के आयोजक डॉ. भैरुप्रकाश दाधीच ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन राजस्थान उच्च न्यायलय के न्यायाधिपति मनोज कुमार गर्ग करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी अचलानंदगिरी महाराज, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर चंदन प्रभानंद गिरी का सान्निध्य रहेगा। पूर्व महापौर रामेश्वर दाधीच तथा पूर्व न्यायाधिपति गोपालकृष्ण व्यास सायंकालीन सत्र में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में दिल्ली से एचएस रावत, हरिद्वार से पंडित रमेश सेमवाल, दिल्ली से शुभेष शरमन, पंडित राजेश ओझा, मकराना से याग्निक पंडित विमल पारीक, अजमेर से केके शर्मा, सुशीला शर्मा, इंदौर से सुरेश आरशर्मा, कलकता से किशन सारस्वत, सिंगापुर से आलोक वर्मा व अर्चना वर्मा, बीकानेर से नंदकिशोर पुरोहित, जयपुर से डॉ. राघव भट्ट, ज्योतिष राजेन्द्र वशिष्ठ, सूरत से लालाभाई, उदयपुर से निरंजन भट्ट, भोपाल से बलराम दुबे, देहरादून से सुनिल माथुर, कोटा से आदित्य शास्त्री, जोधपुर से पंडित घनश्याम द्विवेदी, डॉ. शंकरसिहं राजपुरोहित, रेकी नवीन रामावत, पंडित एसके जोशी, रतन शर्मा, मुकेश दाधीच, पंडित चेतनप्रकाश दाधीच, मनोज मिश्रा, सूरज अरुण सारस्वत सहित 200 ज्योतिर्विद भाग लेंगे।
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इसूजू वाहन से 12 लाख का 420 किलो डोडा बरामद

जालोर । नोसरा थाना पुलिस ने डोडा पोस्त तस्करों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को सरहद देबावास में इसूजू वाहन से 420 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त जब्त किया। जब्त डोडा पोस्त की अनुमानित बाजार कीमत 12 लाख रुपये आंकी गई है। अवैध डोडा पोस्त के परिवहन में प्रयुक्त वाहन जब्त कर लिया गया है।  जिले में मादक पदार्थों की धरपकड़ एवं तस्करों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नोसरा थानाधिकारी महेन्द्रसिंह मय पुलिस जाब्ता ने मुखबिर की इत्तला पर नाकाबंदी के दौरान सरहद देबावास में एक सफेद रंग की इसूजू बिना नम्बरी गाड़ी को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख वाहन चालक वाहन को तेज गति से भगाने लगा। पुलिस जाब्ता ने वाहन के आगे क्लिपबोर्ड चैन डालकर वाहन को रोकने का प्रयास किया तो भी तस्करों ने वाहन को चैन के ऊपर से निकालकर भगाया। इस दौरान वाहन के टायर पंचर हो गए। इसके बावजूद भी तस्करों ने वाहन को भगाया। पुलिस जाब्ता ने वाहन का पीछा किया तो करीब एक किलोमीटर आगे तस्कर वाहन को चालू अवस्था में छोडक़र घनी झाडिय़ों में भाग गए। वाहन इसूजू की तलाशी ली गई तो उसमें कुल 30 कट्टों में 420 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त भरा मिला।
 
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अवैध देशी शराब से लदी जीप जब्त, दो गिरफ्तार

सीकर । पंचायत चुनावों में अवैध शराब के वितरण के विरोध में जिला पुलिस की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। जिले की लक्ष्मणगढ थाना पुलिस की ओर से रविवार को मुखबिर की सूचना पर धेराबदी कर तीस कार्टून हरियाणा निर्मित अवैध देशी शराब से लदी जीप को जब्त कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।  थानाधिकारी राममनोहर ने बताया कि झुन्झुनू जिले के सूरजगढ पुलिस थानान्तर्गत जाखोद ग्राम के आरोपित किशोर सिंह पुत्र शम्भूसिंह राजपूत उम्र 22 वर्ष तथा राजेन्द्र सिंह पुत्र सार्दूलसिंह राजपूत उम्र 23 वर्ष को गिरफ्तार किया गया है। थानाधिकारी ने बताया कि आरोपित बोलेरों जीप में तीस कार्टून हरियाणा निर्मित देशी शराब लेकर लक्ष्मणगढ से गुजर रहै थे। पुलिस टीम ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। पुलिस शराब की आपूर्ती करने के ठिकाने की पूछताछ कर रही है।
 
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सांसदों के गांव के बाद अब अधिकारियों की ‘मेरी पंचायत’

-जिला परिषद की अनूठी पहल, प्रथम चरण में 140 अधिकारियों को गोद दीं 140 ग्राम पंचायतें
उदयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले कार्यकाल में अपने सांसदों को एक गांव के सर्वांगीण विकास के लिए दिया। प्रधानमंत्री के मंशानुरूप सांसदों ने गांव गोद ले उनका विकास शुरू किया। उसी तर्ज पर उदयपुर जिला परिषद ने भी अनूठी पहल करते हुए अपने अधिकारियों को एक-एक ग्राम पंचायत गोद देकर उनमें राजकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस अभियान का नाम ‘मेरी पंचायत’ दिया गया है। प्रदेश में इस तरह का अनूठा प्रयोग करने वाली पहली उदयपुर जिला परिषद होगी।  जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमर चौधरी ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसमें जिला परिषद एवं पंचायत समितियों के हर एक विकास अधिकारी, अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, पंचायत प्रसार अधिकारी, वरिष्ठ लेखाधिकारी, लेखाधिकारी को जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के अंतर्गत कुल 140 ग्राम पंचायतें दी गई हैं। यही नहीं, स्वयं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चौधरी ने भी एक ग्राम पंचायत गोगरूद को गोद लिया है। अधिकारी को आवंटित ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक लाभ की योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन, राजकीय योजनाओं के लाभ का समय पर आमजन तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा ग्राम पंचायत में योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को समुचित स्तर पर रखकर समाधान सुनिश्चित करना होगा। जिला मुख्यालय पर कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके अग्रवाल इस अभियान की निगरानी रखेंगे।   अधिकारी को जो ग्राम पंचायत गोद दी गई हैं, उसका हर पखवाड़े निरीक्षण करना होगा। पूरे दिन ग्राम पंचायत में प्रवास करना होगा। निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट तैयार कर भेजनी होगी। अधिकारी ग्राम पंचायत में जो भी निरीक्षण करेंगें, उसे एक्सल शीट में दर्ज करना होगा। यह शीट भी जिला मुख्यालय पर भेजनी होगी।
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ठिठुरन से मिली कुछ राहत

जोधपुर। मारवाड़ में दिन और रात के तापमान में हुई बढ़ोतरी ने गलन और ठिठुरन से आंशिक राहत दिलाई है। लेकिन अगले सप्ताह की शुरूआत में पश्चिमी राजस्थान के छह जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटे में हिमालय तराई क्षेत्र में कम उंचाई वाले पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं जिसके कारण अगले सप्ताह की शुरूआत में फिर से  मारवाड़ सहित पूरे प्रदेश में सर्द हवाएं चलने और पारे में गिरावट होने पर सर्दी के तेवर तीखे रहने का पूर्वानुमान है।  जोधपुर में शुक्रवार को आसमान साफ रहा। सर्द हवाय़े भी थमीं रहीं जिससे कंपकंपी ठंड से राहत मिली। धूप निकलने से भी राहत रही। जोधपुर में बीती रात को न्यूनतम तापमान  10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  बीते चौबीस घंटे में प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। दिन में पारा उछलने व उत्तर पूर्व दिशा से आ रही सर्द हवा की रफ्तार थोड़ी कम होने मारवाड़वासियों को बीती रात गलन और ठिठुरन से आंशिक राहत मिली। बीती रात माउंट आबू मेंं 3.5 वक्षबाड़मेर में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
 
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ओटीआर के बाहर होमगार्ड को मारी गोली

जोधपुर । शहर में नववर्ष की मध्य रात ऑन द रॉक्स के होमगार्ड पर बदमाश ने प्रवेश को लेकर गोली मार दी। बाद में फरार हो गया। इस बदमाश के लिए पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी। बुधवार की तडक़े चार बजे पुलिस और इस बदमाश का आमना सामना हुआ। तब पुलिस पर भी फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। इसे अब मथुरादास माथुर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस अभिरक्षा में उपचाराधीन है। बदमाश हिस्ट्रीशीटर है।  सर्किट हाउस रोड पर स्थित  होटल ओटीआर में चल रहे नववर्ष के कार्यक्रम के दौरान बिना पास अंदर घुसने के लिये अपने साथियों के साथ आए एक हिस्ट्रीशीटर को रोकने पर फायरिंग कर मौके से भागने के बाद देर रात बनाड़ थानान्तर्गत जाजीवाल क्षेत्र में घेराबंदी करके पकडऩे का प्रयास किया तो उसने पुलिस दल पर भी फायरिंग करनी शुरू कर दी। जिस पर नाकेबंदी और हमलावरों का पीछा कर रही टीम की अगुवाई कर रहे एसीपी राजेश मीणा ने फायरिंग करके मुख्य आरोपी सुखदेव को घायल कर हिरासत में लिया। पुलिस के इस हिस्ट्रीशीटर के अन्य साथियों को भी धर दबोचने के समाचार है।  दरअसल जोधपुर के ओटीआर में रात को नववर्ष की पार्टी चल रही थी। तब बिना नम्बर की गाड़ी में 3 से 4 युवक आए और उनमें से एक युवक ने गार्ड को होटल में जाने को कहा। लेकिन गार्ड बाड़मेर निवासी हीरसिंह ने कपल एंट्री का कहकर जाने से मना कर दिया। मना करते ही युवक ने जेब से पिस्टल निकाल कर लगभग 3 से 4 राउंड फायर किए। फायरिंग में एक गोली होमगार्ड के बैल्ट को छूते हुए पेट में लगी। सूचना मिलते ही रातानाडा थाना पुलिस सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे ओर मामले की जांच शुरू की।   डीसीपी धर्मेंद्रसिंह यादव ने बताया कि एसीपी राजेश मीणा ने जवाबी फायर में बदमाश के पैर में गोली मारी। इस फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर सुखदेव जाखड़ के पैर में गोली लगी। बदमाश का एमडीएम अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस की गाड़ी पर भी बनाड़ थाने के हिस्ट्रीशीटर सुखदेव ने फायरिंग की थी। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा रात्रि में ही नाकाबंदी कर अलग-अलग इलाकों में दबिश दे डीसीपी धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम बना हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया।  पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गाड़ी की तलाश शुरू की तो पता लगा कि गाड़ी जाजीवाल क्षेत्र में गयी है जिस पर एसीपी राजेश मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर दबिश देने पहुंचे। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायर किए और एक गोली सुखदेव के पैरों पर लगी जिस से की वह गंभीर घायल हो गया।
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पॉलिटेक्रिक कॉलेज की आवासीय कॉलोनी में लगी सेंध

जोधपुर । शहर के रेजीडेंसी रोड स्थित पोलोटेक्निक कालेज की आवासीय कॉलोनी में मकान के ताले तोडक़र अज्ञात चोर घरेलू कीमती सामान चुराकर ले गए। इस बारे में शास्त्रीनगर थाने में रिपोर्ट दी गई।  मूलत: मानसरोवर जयपुर हाल राजकीय आवासीय महिला पोलीटेक्निक महाविद्यालय परिसर में बने मकान में रहने वाले अंदन गर्ग पुत्र सुरेश गर्ग ने पुलिस को बताया कि मंगलवार मध्य रात्रि को नकबजनों ने उसके सरकारी आवास के ताले तोडक़र घर में रखा एलजी का टीवी, सीसीटीवी डीवीआर कैमरे, घडिय़ां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चुराकर ले गए।   वहीं न्यू परिहार नगर भदवासिया निवासी राजेश टाक पुत्र जालम सिंह टाक ने मंडोर पुलिस को बताया कि नकबजनों ने दो दिन पहले रात्रि के समय उसके मकान के ताले तोडक़र वहां रखा कीमती सामान चुराकर ले गए। जाते समय नकबजन मकान की सुरक्षा के लिये लगाये गये सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी क्षतिग्रस्त करके अपने साथ लेकर गए।
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कोहरा बना काल: दुर्घटनाग्रस्त स्कार्पियों से बस टकराई, 2 की मौत 6 से अधिक घायल

हादसे के बाद दो बसें पलटीं, घायल यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है

जोधपुर । मारवाड़ में छाया घना कोहरा काल साबित हो रहा है। जोधपुर हाइवे पर जैसलमेर से 30 किलोमीटर पहले मंगलवार की सुबह कोहरे के चलते एक बस और एक स्कॉर्पियो से भिड़ गई। इसके बाद पीछे से आई एक और बस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो में टक्कर मार दी। उसमें सवार मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि बस में सवार छह यात्रियों से अधिक घायल हो गए हैं। मंगलवार की सुबह घना कोहरा था। बड़ी मुश्किल से लोग देख पा रहे थे। एक बस जोधपुर से जैसलमेर जा रही थी। भोजका के पास वह स्कॉर्पियो से टकरा गई। लेकिन जब तक लोग संभलते, तब तक जैसलमेर की तरफ से आ रही एक अन्य बस दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो से टकरा गई। इसके बाद दोनों बसें पलट गईं। स्कॉर्पियो बुरी तरह से पिचक गई। उसमें सवार मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान जैसलमेर निवासी चन्द्रवीर सिंह और उसकी मां के रूप में हुई है। वह उसका इलाज कराने जोधपुर ले जा रहा था।  उधर दोनों बसों के पलटने से यात्री अंदर फंस गए। क्षेत्र के लोगों ने आकर बड़ी मुश्किल से अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों की संख्या पुलिस अभी नहीं बता पा रही है। छह लोगों की हालत गंभीर है, जिन्हें जैसलमेर अस्पताल ले जाया गया है।