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प्रेस विज्ञप्ति

राष्ट्रपति ने आज (6 मार्च 2020) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में 10 बजकर 15 मिनट पर केन्द्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में श्री बिमल जुल्का को पद की शपथ दिलाई।

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना स्वतंत्र भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा कारक है : श्री धर्मेन्द्र प्रधान

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) स्वतंत्र भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा कारक है। पीएमयूवाई पर आयोजित एक कार्यशाला में श्री प्रधान ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हमने एलपीजी कनेक्शनों की संख्या दोगुनी से अधिक कर दी है। उल्लेखनीय है कि एलपीजी कवरेज 55 प्रतिशत से बढ़कर 97.4 प्रतिशत हो गया है। पीएमयूवाई देश में महिलाओं की स्थिति में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने का सबसे बड़ा कारक है।श्री प्रधान ने कहा कि घरों के पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। समाज की गरीब महिलाओं को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल एलपीजी ईंधन उपलब्ध करने से घरों में धुएं का प्रदूषण कम हो गया है, हालांकि यह अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “व्यवहारिक बदलाव, आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत बनाना, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना हमारी प्राथमिकताएं हैं। हम एलपीजी सिलेन्डरों को रीफिल करने की प्रक्रिया के लिए अभिनव तरीकों की तलाश में हैं।”श्री प्रधान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऊर्जा महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा, “हम सभी भारतवासियों के लिए ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। सस्ती, टिकाऊ, कारगर, सुरक्षित ऊर्जा। एलपीजी को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का कारक होना चाहिए।”पीएमयूवाई लाभार्थियों ने बड़ी तादात में हिस्सा लिया और अपने अनुभवों को साझा किया कि किस तरह उनके घरों में गैस का चूल्हा आने के बाद उनके जीवन में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। कार्यशाला का आयोजन इस समय चल रहे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 समारोहों के मद्देनजर किया गया था।

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जन औषधि दिवस समारोह 7 मार्च, 2020 को मनाया जाएगा

जन औषधि दिवस 7 मार्च, 2020 को मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चुने हुए जन औषधि केन्‍द्रों के मालिकों तथा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के लाभार्थियों से बातचीत करेंगे। दूरदर्शन समाचार के माध्‍यम से प्रत्‍येक जन औषधि केन्‍द्र से प्रधानमंत्री के संदेश को प्रसारित किया जाएगा   केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डी वी सदानंद गौड़ा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केंद्र में भाग लेंगे। केंद्रीय जहाजरानी और रसायन तथा उर्वरक राज्‍य मंत्री श्री मनसुख लक्ष्मणभाई मंडाविया जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केंद्र में भाग लेंगे। श्री गौड़ा ने सभी केन्‍द्रीय मंत्रियों से जन औषधि दिवस समारोह में भाग लेने का अनुरोध किया है, ताकि जन औषधि केन्‍द्रों की दवाइयों के प्रति लोगों का विश्‍वास बढ़ाया जा सके और योजना के बारे में जागरूकता पैदा की जा सके।  पूरे देश में पीएमबीजेपी केन्‍द्रों पर योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्‍न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में डॉक्‍टर, स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ, एनजीओ तथा बड़ी संख्‍या में लाभार्थी शामिल होंगे। जन औषधि दिवस का उद्देश्‍य जेनेरिक दवाओं के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना है। इस अवसर पर सभी के लिए गुणवत्‍ता संपन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल का कदम सरकार द्वारा उठाए गए हैं। इन कदमों में आयुष्‍मान भारत, पीएमबीजेवाई आदि शामिल हैं।प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना की घोषणा प्रधानमंत्री ने की थी, ताकि रियायती दरों पर सभी को विशेषकर गरीब और वंचित लोगों को उच्‍च गुणवत्‍ता की दवाइयां उपलब्‍ध कराई जा सकें ।जन औषधि केंद्र को विश्व की सबसे बड़ी खुदरा दवा श्रृंखला माना जाता है। देश के 700 जिलों में 6200 जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में वित्त वर्ष 2019-20 में 390 करोड़ रुपये से अधिक की कुल बिक्री हुई और इससे  सामान्य नागरिकों के लिए कुल 2200 करोड़ रुपये की बचत हुई। यह योजना सतत और नियमित आय के साथ स्वरोजगार का अच्छा साधन प्रदान करती है।

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कोविड-19 पर नई जानकारीः मामले और प्रबंधन

कोविड -19 की जांच में एक और संदिग्ध पॉजिटिव पाया गया है। यह संदिग्ध थाईलैंड और मलेशिया की यात्रा कर चुका है। इस संदिग्ध को अस्पताल में अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। अभी इसकी हालत स्थिर है। देश में अब कोविड -19 के 31 पुष्ट मामले दर्ज हैं। इनमें 16 इतालवी नागरिक शामिल हैं।नई एडवाइजरी के अनुसार सभी अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को, चाहे वे किसी भी देश के हों, व्यापक चिकित्सा जांच से गुजरना अनिवार्य है। इसके लिए जांच की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मौजूदा 21 हवाई अड्डों के साथ ही नौ और हवाई अड्डों पर भी जांच शुरू की गई है। इसके साथ ही अब तक कुल 30 हवाई अड्डों पर कोविड-19 की जांच हो रही है।इसके अलावा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोविड -19 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसका उद्घाटन आज स्वास्थ्य सचिव सुश्री प्रीति सूदन ने किया। इसमें सभी राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारी और रेलवे, रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के अस्पतालों के 280 स्वास्थ्य कर्मी भाग ले रहे हैं। इसमें देश भर के लगभग 1000 केंद्रों पर लोग भाग ले रहे हैं।

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जल संसाधन सचिव ने “उद्योगों में जल उपयोग क्षमता में वृद्धि” पर कार्यशाला का उद्घाटन किया

भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर) के सचिव श्री यू.पी. सिंह ने उद्योग जगत से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रावधानों की श्रृंखला में कॉरपोरेट जल दायित्व (सीडब्ल्यूआर) को अपनाने का आह्वान किया है। राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्‍ल्‍यूएम) द्वारा आज यहां “हर काम देश के नाम” पहल की श्रृंखला में आयोजित “उद्योगों में जल उपयोग क्षमता में वृद्धि” पर कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, श्री सिंह ने कहा कि वैश्विक मानकों की तुलना में, हमारे उद्योग अभी भी पानी का बहुत ही अक्षम उपयोग करते हैं। । उन्होंने कहा कि पानी की खपत को कम करने के लिए पानी के उपयोग पर विभिन्न उद्योगों में आधारभूत अध्ययन की आवश्यकता है।भूमिगत जलस्‍तर के घटने के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए  श्री यूपी सिंह ने कहा कि हम भूमिगत जलस्तर को बनाए रखने के लिए अनुकूल दोहन की तुलना में 2.5 गुना अधिक भू-जल खींच रहे हैं। भू-जल संसाधनों के अत्‍यधिक दोहन के कारण हमें पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।श्री ओ. पी. सिंह ने कहा कि झारखंड या छत्तीसगढ़ की 3000 टन की तुलना में भारत का अनाज भंडार समझे जाने वाले पंजाब और हरियाणा प्रति हेक्टेयर 5000 टन अनाज उत्पादन करते हैं, लेकिन झारखंड और छत्तीसगढ़ में जल की प्रति इकाई उत्पादकता पंजाब और हरियाणा से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए वास्तविक चिंता बुंदेलखंड जैसे परंपरागत रूप से सूखे क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि पंजाब और हरियाणा की स्थिति से हम चिंतित हैं।श्री ओ पी सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हाल के वर्षों में स्थान और समय की दृष्टि से वर्षा की स्थिति में बदलाव हुआ है। परिणामस्वरूप हमें बार-बार सूखा और बाढ़ का सामना करना पड़ेगा।इस अवसर पर अपर सचिव तथा एनडब्ल्यूएम के मिशन निदेशक श्री जी अशोक कुमार ने कहा कि कागज और लुगदी उद्योग पानी की खपत आधा कम करने में सफल हुए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना है क्योंकि वैश्विक मानकों से यह खपत अभी भी 5 से 10 गुना अधिक है।

 

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भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने 100 करोड़ रुपये के अंतरिम लाभांश का भुगतान किया

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम (डीपीएसयू) भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) से अंतरिम लाभांश के रूप में 100.518 करोड़ रुपये का चेक प्राप्त किया। बीडीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर सिद्धार्थ मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने रक्षा मंत्री को यह चेक प्रदान किया।हैदराबाद स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 10 रुपये मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 6.25 रुपये के अंतरिम लाभांश की घोषणा की। कंपनी द्वारा घोषित यह अंतरिम लाभांश 183.28 करोड़ की प्रदत्त शेयर पूंजी का 62.5 प्रतिशत है।इस अवसर पर सचिव (रक्षा उत्पादन) श्री राज कुमार और रक्षा मंत्रालय तथा बीडीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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कोरोना वायरस-19 पर अब तक की स्थिति ‍: मामले एवं प्रबंधन

अब तक  देश में कोरोना वायरस-19 के 29 मामलों की पुष्टि की गई है। इनमें से तीन (केरल से) मरीजों के स्‍वस्‍थ होने के बाद उन्‍हें अस्‍पताल से छुट्टी दे दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज संसद के दोनों सदनों में इसके बारे में वक्‍तव्‍य  दे रहे हैं।04 मार्च, 2020 (कल) से विस्‍तृत जांच को अनिवार्य कर दिया गया है तथा कल शाम से अधिकांश हवाई अड्डों पर जांच का काम शुरू हो गया है। राज्यों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अतिरिक्त कर्मचारियों के सहयोग से आज इसके स्‍थापित हो जाने की संभावना है।चूंकि, यात्रा से संबंधित कोरोना वायरस-19  मामलों के अलावा, सामुदायिक संक्रमण के कुछ मामलों को भी देखा गया है, इसलिए इसमें जिला कलेक्टरों और राज्यों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, राज्‍यों को जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तरों पर तेजी से द्रुत कार्रवाई टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। कोरोना वायरस-19  के प्रबंधन में निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जा रहा है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री आज शाम प्रमुख साझेदारों के साथ बैठक करेंगे।परीक्षण के लिए भेजे गए कुल 3,542 नमूनों में से  अब तक कोरोना वायरस-19  के 29  मामलों की पुष्टि की गई है। 92 नमूनों के परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है तथा 23  नमूनों का फिर से परीक्षण किया जा रहा है।

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मंत्रिमंडल ने कंपनी (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन के लिए कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी हैयह विधेयक चूक के मामले में इस कानून के तहत आपराधिकता को दूर करेगा जिसे निष्पक्ष तरीके से निर्धारित किया जा सकता है और जिसमें धोखाधड़ी के तत्व मौजूद न हो अथवा व्‍यापक सार्वजनिक हित शामिल न हो। इससे देश में आपराधिक न्याय प्रणाली को और मजबूत किया जा सकेगा। यह विधेयक कानून का पालन करने वाले उद्योगपतियों के लिए जीवन को भी सुगम बनाएगाइससे पहले कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2015 के तहत इस कानून के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया गया था ताकि इस कानून के विभिन्‍न प्रावधानों को लागू करने  आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके।

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डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 पर उच्‍चस्‍तरीय बैठक की अध्‍यक्षता की; दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. सत्‍येन्‍द्र जैन भी मौजूद

केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है, ‘हमें देश में कोविड-19 के कारण उत्‍पन्‍न खतरे से निपटने के लिए एक इकाई के रूप में समन्वित और सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करना होगा।’  डॉ. हर्षवर्धन दिल्‍ली सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री, डॉ. सत्‍येन्‍द्र जैन की उपस्थिति में सभी वरिष्‍ठ अधिकारियों और दिल्‍ली के सरकारी अस्‍पतालों के निदेशकों/चिकित्‍सा अधीक्षकों के साथ बैठक की अध्‍यक्षता कर रहे थे मंत्रालय में सचिव सुश्री प्रीति सूदन ने दोनों मंत्रियों को वर्तमान स्थिति, वैश्विक और राष्‍ट्रीय स्थिति से अवगत कराया। उन्‍होंने बताया कि अब तक 78 देश कोविड-19 से प्रभावित हो चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन में राज्‍यों और केन्‍द्र द्वारा उच्‍च स्‍तर की सतर्कता बढ़ती जा रही है। उन्‍होंने संशोधित यात्रा प्रतिबंधों, स्‍व-घोषणा और चीन, ईरान, कोरिया गणराज्‍य, इटली और जापान तथा कोविड-19 से प्रभावित अन्‍य देशों की अनावश्‍यक यात्रा से बचने के लिए 03 मार्च, 2020 को जारी संशोधित यात्रा परामर्श की जानकारी दी।  डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हालांकि केन्‍द्रीय मंत्रालयों/विभागों के साथ अंतर-क्षेत्रीय समन्‍वय कायम किया गया है, यह प्रशंसनीय है कि राज्‍य/संघ शासित प्रदेश जिम्‍मेदारी के साथ प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त कर रहे हैं और कोविड-19 से निपटने के लिए उपयुक्‍त कार्यवाही और तैयारी कर सर्वश्रेष्‍ठ प्रयास कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि समय की मांग है कि और अधिक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि बड़े पैमाने पर इसे समुदाय में फैलने से रोका जा सके। इसके लिए समूह नियंत्रण रणनीति, जिला कलेक्‍टर को और अधिक जवाबदेह बनाने, संपर्क का पता लगाने, राज्‍य और जिला निगरानी दलों को मजबूत बनाने जैसे दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्‍यकता है।  डॉ. हर्षवर्धन ने राज्‍यों/संघ शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे बीमारी की तैयारी और निगरानी, प्रयोगशाला रोग निदान, अस्‍पताल की तैयारी, लॉजिस्टिक प्रबंध, क्षमता निर्माण और जोखिम की जानकारी देने जैसी प्रमुख क्षमताओं को मजबूत बनाए। डॉ. हर्षवर्धन ने राज्‍यों को सलाह दी कि वे आइसोलेशन सुविधाओं की पहचान करें ताकि प्रत्‍येक जिले में जरूरत पड़ने पर पुष्‍ट/संदिग्‍ध मामलों के साथ-साथ साधनों की जरूरतों को समायोजित किया जा सके और प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक और स्‍थानीय केबल टीवी चैनलों, एफएम रेडियो आदि का इस्‍तेमाल करने सहित स्‍थानीय भाषाओं में सोशल मीडिया के जरिए सामुदायिक जागरूकता बढ़ाई जा सके।  बैठक के दौरान आईसीएमआर के सचिव डॉ. बलराम भार्गव, विशेष सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य) श्री संजीव कुमार, डीजीएचएस डॉ. राजीव गर्ग, एम्‍स (दिल्‍ली) के निदेशक डॉ. रनदीप गुलेरिया, संयुक्‍त सचिव श्री लव अग्रवाल, एसडीएमसी, ईडीएमसी, एनडीएमसी के आयुक्‍त, केन्‍द्रीय विद्यालय और दिल्‍ली सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

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एलएलपी निपटारा योजना, 2020 शुरू की गई ; पंजीयक के पास वैधानिक रूप से आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने में देरी की छूट एक बार ही होगी

यह देखा गया है कि देर से दाखिल करने पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने के कारण, जो कि देरी के मामले में वास्तव में वित्तीय बोझ बन सकता है, सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) की एक बड़ी संख्या इसका अनुपालन नहीं कर रही है। देरी की कुल अवधि के लिए विलंब शुल्‍क का भुगतान करने में उनकी अक्षमता इसका मुख्‍य कारण है।कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों के तहत, लंबित दस्तावेजों को दाखिल करने तथा भविष्य में एक योग्य एलएलपी के रूप में सेवा करने के लिए डिफ़ॉल्ट एलएलपी को अतिरिक्त शुल्क में एक बार की छूट देने का निर्णय लिया गया है।तदनुसार, केंद्र सरकार ने पंजीयक के पास वैधानिक रूप से आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने में पंजीयक एक बार देरी की अनुमति देकर “एलएलपी सेटलमेंट स्कीम, 2020” नामक एक योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।ऐसे एलएलपी, जो स्वयं योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, लंबित दस्तावेजों/प्रपत्रों को दाखिल कर सकते हैं और इस तरह के चूक के लिए मुकदमा चलाने से बचने के लिए एक बार ही ऐसी चूक कर सकते हैं।यह योजना 16 मार्च, 2020 को लागू होगी और यह 13 जून, 2020 तक प्रभावी रहेगी। यह अतिदेय दस्तावेज दाखिल करने के लिए “डिफ़ॉल्ट एलएलपी” पर लागू होगा, जो 31 अक्टूबर, 2019 तक दाखिल करने के लिए था।  इस तरह के दस्तावेज़ या रिटर्न दाखिल करने के लिए देय किसी भी शुल्क के अलावा, विलंब शुल्क की अवधि से प्रतिदिन 10 रुपये के एक मामूली अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके लिए प्रति दस्तावेज अधिकतम राशि 5,000 रुपये होगी।योजना निम्नलिखित दस्तावेजों के दाखिल करने के लिए लागू होगी:प्रपत्र 3- सीमित देयता भागीदारी समझौते और परिवर्तनों के संबंध में जानकारी, यदि कोई होप्रपत्र-4- नामित साझेदार अथवा साझेदार की नियुक्ति, समाप्ति की सूचना, नाम/पता/पदनाम में परिवर्तन तथा साझेदार /नामित साझेदार बनने के लिए सहमति/नामित भागीदार बनने के लिए सहमति की सूचना;प्रपत्र-8- खाता और सॉल्वेंसी का विवरण (वार्षिक या अंतरिम); तथाप्रपत्र-11- सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) का वार्षिक रिटर्न।इस योजना को देश के नागरिकों के रहन-सहन में अधिक से अधिक आसानी प्रदान करने के सरकार के लक्ष्‍य के अनुसरण में शुरू किया जा रहा है और एलएलपी के लिए एक महत्वपूर्ण राहत और अवसर प्रदान करने की उम्मीद है, जो कानून का पालन करें और तदनुसार व्यापार करें।