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पत्रकारों पर हमला करने वाले किसान नहीं : पेर्नी नानी

अमरावती (आंध्र प्रदेश​) । अमरावती के उद्दंडरायुनिपालेम में तीन दिन पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष  के अनशन कवरेज के लिए गये पत्रकारों पर हमले की राज्य के सूचना और प्रसारण मंत्री पेर्नी नानी ने निंदा करते हुयेे विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाये। मंत्री नानी सोमवार को वाईएसआरसीपी के कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।​ उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू और उनके पुत्र लोकेश के इस हमले का समर्थन करनेे पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि  अनशन पर बैठे किसानों का पर्दाफाश हुआ है। पत्रकारों पर हमला करने वाले किसान नहीं हैंं। उन्होंने आंदोलन करने वाले किसानों को विपक्ष से प्रेरित होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण होना चाहिए। मंत्री नानी ने इस हमले की निंदा करते हुये उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों के योजनाबद्ध तरीके से ही हमला किए जाने का संदेह व्यक्त किया है।  उन्होंने पत्रकारों पर हुए हमले पर पत्रकार संगठनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि मीडिया के प्रतिनिधियों पर हमला होने के बाद भी किसी पत्रकार संगइन ने इसकी निंदा नहीं की। मंत्री नानी ने कहा कि जब पत्रकार अपने एक्रेडिशन कार्ड के लिए राज्य सरकार के प्रति आक्रामक हो सकते हैंं तो वह अपने साथी पत्रकार पर हमले पर संवेदनाएं क्यों नहीं जताई। मंत्री नानी ने  इस हमले में इलेक्ट्रॉनिक चैनल के हरीश,  महिला वीडियो जर्नलिस्ट दीप्ति और वसंत को राज्य सरकार से पूरा सहयोग देने का वादा किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मीनारायण 27 दिसम्बर को अमरावती राजधानी मुद्दे को लेकर अनशन करने बैठे थे। उसी दौरान कवरेज करने गये पत्रकारों पर हमला किया गया था।

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पिछली सरकार में राजधानी निर्माण में हुये घाेेेेेेेेटालों की होगी जांच

आंध्र प्रदेश की कैबिनेट में लिये गये कई महत्वपूर्ण निर्णय  राज्य में तीन राजधानी बनाने का का निर्णय फिलहाल टाला
अमरावती (आंध्र प्रदेश), 27 दिसम्बर (हि.स.)। आंध्र प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य में तीन राजधानी बनाने वाली समिति की रिपोर्ट पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। इस संबंध में शहरी विकास के लिए गठित समिति की रिपोर्ट आने तक इसको टाल दिया गया। कैबिनेट की बैठक में मछलीपट्टनम में बंदरगाहों का निर्माण करने और 412 एंबुलेंस वाहन खरीदने का निणर्य लिया गया। सरकार ने पिछली सरकार में राजधानी निर्माण में हुये घोटालों की जांच कराने का निर्णय लिया है।   शुक्रवार को आंध्र प्रदेश की मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के सूचना प्रसारण मंत्री पेर्नी नानी ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल में मछलीपट्टनम की बंदरगाहों का निर्माण कराने और 412 एंबुलेंस खरीदने के लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित करने की मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में राजधानी के निर्माण में तत्कालीन तेलुगू देशम सरकार के घोटालों की जांच के लिए गठित उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट रखी। उपसमिति ने घोटाले की पुष्टि करते हुये विशेषज्ञ की अध्यक्षता में जांच करने को कहा है। मंत्री नानी ने बताया कि हाई लेवल समिति के नेतृत्व में राजधानी बनाने के नाम हुई अनियमितताओं और घोटालों की जांच करायी जाएगी। इस अनियमितताओंं व घोटाले को सीबीआई या सीबीसीआईडी से जांच कराने का निर्णय लिया है।  उन्होंने बताया कि राजधानी निर्माण के लिये जीएन राव समिति के प्रस्ताव पर चर्चा की गई लेकिन सरकार शहरी विकास के लिए गठित बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है। इसकी भी रिपोर्ट आने के पश्चात एक उच्च स्तरीय कमेेटी गठित की जाएगी, जिसमें मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल होंगे। इस समिति की सिफारिश पर ही राजधानी के निर्माण पर उचित निर्णय लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राजधानी की जगह को लेकर कोई  बयान नहीं दिया था।
भाजपा अध्यक्ष ने दिया धरना
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मीनारायण शुक्रवार को अमरावती राजधानी बनाने की मांगा के मुद्दे के समर्थन में अनशन करने बैठे। कन्न अमरावती के उद्दंडरायुनिपालेम में उसी स्थान पर धरना पर बैठे, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी बनाने का शिलान्यास किया था।
कवरेज करने आये पत्रकारों पर हमला
यहांं कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों पर लोगों ने हमला किया। कुछ हमलावरों ने महिला पत्रकारों के साथ भी अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। घायल में दो पत्रकारों को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हमलावरों ने मीडियाकर्मी की कार को लाठियों से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस संबंध में पुलिस ने संदेह व्यक्त किया है कि दीक्षा स्थल पर असामाजिक तत्वों ने घुस कर योजनाबद्ध तरीके से ही हमला किया है। उन्हें संदेह है कि टीडीपी के नेता ही किसानों से आंदोलन करवा रहे हैं।
राजधानी बनाने का निर्णय टालना उचित नहीं: नायडू
विधानसभा के विपक्ष नेता चंद्रबाबू नायडू ने पत्रकार वार्ता में कहा है कि राजधानी के निर्माण का मामला उच्च स्तरीय कमेटी को सौंपना मंत्रिमंडल का निर्णय उचित नहीं है। इससे और राज्य में अनिश्चितता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि 29 गांव के किसानों व संगठनों के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में इस विषय को टाल दिया है।  उन्होंने कहा है कि अब तक तेलुगू देशम सरकार ने 9116 करोड़ रुपये राजधानी निर्माण के लिए खर्च किया था। नायडू ने पुलिस पर सत्ता के नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। नायडू ने कहा कि राज्य सरकार को राजधानी स्थानांतिरत करने का अधिकार ही नहीं है।
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सूर्यग्रहण का सूतक आज, तेलगु भाषाई राज्यों में आज शाम जल्द बंद होंगे मंदिर

तिरुपति (आंध्र प्रदेश ) तेलुगु भाषाई राज्यों में बुधवार को शाम में जल्दी ही सारे मंदिर बंद हो जायेंगे। साल का आखिरी सूर्यग्रहण कल  बृहस्पतिवार को पड़ रहा है। तिरुमला मंदिर सूत्रों के अनुसार आज सूतक बुधवार रात 11 बजे लगेंगे। इस कारण तिरमला बालाजी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में शयन आरती रात 9 बजे की जाएगी। रात 11 बजे तक सभी मंदिर बंद हो जाएंगे जो गुरुवार दोपहर बाद 12 बजे खुलेंगे। सूर्यग्रहण के मद्देनजर कल के सारे सेवा जैसे कल्यानोत्सव रद्द कर दिए गए हैं।  आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के अरसवेल्ली सूर्य देवालय आज रात में 8 बजे पूजा के पश्चात बंद कर दिया जाएगा। फिर कल शाम 4 बाजे मंदिर के द्वार खुलेंगे। तेलंगाना के राजांना सिर्सिल्ला जिले के वेमुला वादा राजेश्वर स्वयं का मंदिर आज शाम 7 बजे बंद होकर कल दोपहर 12 बजे दर्शन के लिए खुलेगा। कुर्नूल जिले के  प्रसिद्ध श्रीसैलम भ्रमराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी का मंदिर आज रात 10 बजे से लेकर कल बृहस्पतिवार दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगा।  तिरुमला बालाजी मंदिर की तरफ से बताया गया कि सूर्यग्रहण का प्रारंभ और समाप्ति काल हर जगह अलग-अलग होगा। पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आने पर सूर्यग्रहण पड़ता है। खंडग्रास सूर्यग्रहण की घटना अमावस्या वाले दिन ही होती है। यह सूर्यग्रहण वलयाकार होगा।   ग्रहणकाल के दौरान सूतक के नाम पर अक्सर मन्दिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। जनसामान्य का बाहर निकलना और भोजन करना शास्त्रों में निषेध माना गया है। ग्रहण समाप्त होने पर अर्थात् मोक्ष होने पर स्नान का विधान है। मंदिरों में भी ग्रहण के बाद गर्भगृह में शुद्धिकरण किया जाएगा। मंदिरों में होने वाली पूजन आरती के पहले मंदिरों में सफाई, शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद ही मंदिरों की नियमित गतिविधियां शुरू होंगी।

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तीन राजधानी बनाने के विरोध में धरने पर बैठे अर्द्धनग्न किसान

रेड्डी सरकार केे निर्णय के खिलाफ सड़कों पर उतरे 29 गांवों के ग्रामीण

वेलागापुडी में सचिवालय जाने वाली सड़क पर महिलाओं ने दिया धरना

अमरावती (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश में सरकार के तीन राजधानी क्षेत्र को विकसित करने की योजना के खिलाफ कई स्थानों किसानों और स्थानीय लोगों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। राजधानी के लिये अमरावती में अपनी जमीनें देने वाले किसानों के साथ 29 गांवों के लोग सड़कों पर उतर आए। तुलूर में आज भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। यहां अर्धनग्न किसान धरने पर बैठे हैं।  मंगलवार को स्वयंसेवी संगठन के साथ विपक्ष के तेलुगु देशम व वामपंथी दलों के आने विरोध आंदोलन में गति आ गयी है। अमरावती के निकट तुलुरु में उस समय तनाव की स्थिति बन गयी, जब आंदोलनरत किसानोंं के शिविर को पुलिस ने जबरन हटवाया। इस दौरान पुलिस और किसानों में झड़प भी हुई। राजधानी और आंध्र प्रदेश के हाई कोर्ट के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर दोपहर बाद कृष्णा ज़िले के बार एसोसिएशन ने भी मार्च निकाला। सुबह प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने वेलागापुडी स्थित राज्य सचिवालय जाने वाली सड़क को जाम कर दिया है। इस वजह से अपने कार्यालय जाने के लिए राज्य सचिवालय के कर्मचारियों को अन्य मार्गों से जाना पड़ा। हाथों में सरकार विरोधी नारों वाले पोस्टर थामें अर्धनग्न किसानों ने प्रदर्शन किया। इनकी एक ही मांग है कि सिर्फ अमरावती को ही राजधानी के तौर पर विकसित किया जाए। अमरावती के लिए 33,000 एकड़ जमीन देने वाले किसानों को डर है कि राज्य में तीन राजधानियां विकास होने से उनके हित प्रभावित होंगे। ‘सेव अमरावती’ के नारे पर गुंटूर और कृष्ण जिला के अलावा राज्य में अन्य कुछ क्षेत्रों में भी लोगों ने प्रदर्शन किया। जिसमें विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के नेता भी शामिल हुए। आंदोलनकारियों के आक्रोश को देखते हुये कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। रास्ते पर गुजरने वाले वाहनों को पुलिस ने रोककर जांंच के बाद ही उसे आगे जाने अनुमति दी। इस बीच खबर मिली है कि आंदोलनकारी किसान व संगठन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिलकर राज्य सरकार के निर्णय का विरोध कर ऐसे  प्रस्ताव को रद्द करने की मांग करेंगेेे।

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मुख्यमंत्री ने किया कड़पा स्टील प्लांट का शिलान्यास

15 हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में पूरा होगा प्लांट, 25 हजार को मिलेगा रोजगार
पिछली सरकार ने विकास को सिर्फ राजनीति के कोण से देखा : मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी
कड़पा (आंध्र प्रदेश)। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी तीन दिवसीय रायलसीमा पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री रेड्डी ने सोमवार को जम्मलम़ुगु मंडल क्षेत्र के सुन्नपुराल्लपल्ले के पास कड़पा स्टील प्लांट का शिलान्यास किया। इस मौके पर रेड्डी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।  जनसभा में मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि उनके पिता व पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के देहांत के बाद किसी ने भी इस जिले के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू पर आरोप लगाते हुये कहा कि पिछली सरकार ने विकास को सिर्फ राजनीति के कोण से देखा। तेलुगु देशम सरकार ने चुनाव के ठीक छह महीने पहले एक नारियाल फोड़ कर आधारशिला लगाकर ज़िले की जनता को गुमराह किया।  उन्होंने कहा कि रायलसीमा प्रांत के विकास के लिए दो मुख्य बिंदु हैं। उनमें एक है कृषि क्षेत्र, जिसके लिए सिंचाई की व्यवस्था करना और दूसरी बेरोज़गारी, जिस को हटाने के लिये क्षेत्र में औद्योगिक विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस्पात निगम के 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किये जाने वाले कड़पा स्टील प्लांट को तीन साल में पूरा कर लिया जायेगा। इससे हर साल 30 लाख टन इस्पात का उत्पादन होगा। स्टील प्लांट से 25 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि 18 दिसम्बर को इस्पात की आपूर्ति के लिए एनएमडीसी के साथ समझौता हुआ था। इस यूूनिट की स्थापना के लिए इस समय 4.8 मिलियन टन कच्चे इस्पात की आवश्यकता है, मगर एनएमडीसी ने 5 टन मिलियन टन आपूर्ति करने का आश्वासन दिया है। इस प्लांट के लिये ज़िले के गंडिकोटा जलाशय से 5 टीएमसी जल की आपूर्ति की जाएगी।  उल्लेखनीय है कि वाईएसआर ने कड़पा जिले में कड़पा स्टील स्थापित करने के लिये कई बार केंद्र सरकार से वार्ता की थी। इसके अलावा तेलुगू देशम पार्टी के केंद्र पर दबाव डालने के लिये अनशन पर भी बैठे थे। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के प्रावधान के तहत ज़िले में तत्काल एकिकृत स्टील संयंत्र की स्थापना के मांग को लेकर टीडीपी के संसद रमेश ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी, लेकिन तब स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने बताया था कि कड़पा में स्टील संयंत्र लगाना आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं होगा।
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आंध्र प्रदेश : तीन राजधानी बनाने के निर्णय के विरुद्ध धरना, स्थिति तनावपूर्ण

अमरावती (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के राज्य में तीन राजधानी बनाने के निर्णय के विरोध में रविवार को भी आंदोलन जारी रहा। अमरावती के निकट तुल्लूरू में भारी संख्या में किसान उमड़े पड़े और रास्ता जामकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ नारेबाजी की। रविवार को तमाम किसान, छात्र और स्थानीय लोग अमरावती के उद्दण्डपालिम के निकट, जहां राजधानी अमरावती बनाने का शिलान्यास का हुआ था, बड़ी संख्या में एकत्र होकर धरना पर बैठ गये। आंदोलनकारी किसान का कहना है कि राजधानी निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के तहत उन्होंने अपनी कृषि भूमि राज्य सरकार को दी थी। बड़ी संख्या में विजयवाड़ा के छात्रों ने सचिवालय जाने के रास्ते पर एकत्र होकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अमरावती को राजधानी बनवने के लिये अपने प्राणों को भी आहूति देने को तैयार हैं। इसी बीच अमरावती में अधिक भीड़ जमा होने से रोकने लिये बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गयी है। पुलिस ने अमरावती जाने वाली सड़क पर कांटेदार तार बिछाकर छात्र को रोका तो छात्रों ने धक्का-मुक्की की। इसमें कुछ आंदोलनकारियों के घायल होने की खबर है। इसी बीच राज्य में तीन राजधानी बनाने के निर्णय को लेकर तनाव व्याप्त है। पुलिस ने धरना की अनुमति ने होने पर आंदोलनकारियों के टेंट हटवा दिये। अमरावती के निकट कुछ मछुआरों ने रास्ते पर एक नौका को विजयवाड़ा-चेन्नई राजमार्ग पर रखकर यातायात रोकने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने प्रयास के बाद सड़क से नाव को हटवा कर रास्ता साफ करवाया।  इस बीच वाईएसआरसीपी के महासचिव विजय साई रेड्डी ने बयान दिया है कि राजधानी विशाखापट्टनम के निकट भीमली में  बनाना उचित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर आंध्रा विकास से काफी दूर रहा और सत्ता बदलती रही पर यह क्षेत्र सुविधाओं से मरहूम रहा। इसलिये यहां राजधानी बनाना उचित होगा।  सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव नारायण ने राजधानी निर्माण के नाम पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुये पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को आड़े हाथ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगु देसम सरकार की रियल स्टेट का व्यापार की दृष्टि से राजधानी को विकास करने की सोच ही गलत थी। वे मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की तीन राजधानी  बनाने की घोषणा से वह सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य विकास के लिए विकेंद्रीकरण की प्रणाली से वह सहमत हैंं लेकिन विधानसभा और सचिवालय एक ही जगह पर होना जरूरी है।

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आंध्र प्रदेश : मुख्यमंत्री के तीन राजधानी बनाने वाले बयान पर किसानों में उबाल

  • कई स्थानों पर सड़कों पर उतरे किसान, कल से विजयवाड़ा-अमरावती-गुंटूर मार्ग पर यातायात रोकने की चेतावनी
  • मुख्यमंत्री से तीन राजधानी बनाने के निर्णय पर पुनिर्वचार करने की मांग, किसानों ने दी आत्महत्या की धमकी
अमरावती (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के राज्य में तीन राजधानी बनाने वाले बयान के बाद अमरावती और आसपास के लोगों में खलबली मच गई है। बुधवार को यहां किसानों ने सड़क पर उतर विरोध जताया। लोगों ने सड़क पर बैठ कर यातायात जाम कर दिया। किसानों के आक्रोश को देखते हुये स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बुधवार को अमरावती के निकट के वेल्गापुड़ी के सैकड़ों किसान उतरे सड़क पर आये और बीच सड़क पर बैठ कर काफी देर तक यातायात ठप रखा। वेंकटाया पालम के किसान अनशन पर बैठ गये। किसानों का आरोप है कि किसानों ने हजारों एकड़ जमीन राजधानी के निर्माण के लिए समर्पित की थी। क्योंकि यहां राजधानी बनने से उनके युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो लेकिन वे मुख्यमंत्री केबयान से वे हताश हैं।  गुंटूर ज़िले के वेल्गापुड़ी, रायपुदि, कृष्णय्यापलेम और मंधाधाम के किसान भी अपने परिजनों के साथ सड़क पर बैठे अनशन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी किसान ने धमकी दी है कि अगर राज्य सरकार ने अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो वे आत्महत्या कर लेंगे। प्रदर्शन कर रहे कुछ किसानोंं के हाथ में कीटनाशक सामग्रियों के डिब्बे भी देखे गये। मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गयी है और किसानों में आक्रोश और तनाव व्याप्त है। गुंटूर जिले के टूर के किसान ने सड़क पर उतर आए हैं। किसान संगठन के नेताओं ने मुख्यमंत्री से तीन राजधानी बनाने वाले बयान को वापस लेने की मांग की है। किसानों ने ऐलान किया है कि वे गुरुवार से विजयवाड़ा-अमरावती-गुंटूर मार्ग पर यातायात को रोक देंगे। इसी बीच कुर्नूल और विशाखापट्नम में मुख्यमंत्री रेड्डी के तीन राजधानी बनाने वाले बयान का जोरदार स्वागत हुआ। लोगों ने कई स्थानों पर पटाखे फोड़ने के बाद मिठाई बांट कर जश्न मनाया।  इस बीच मुख्यमंत्री वाईएस जगन रेड्डी के राज्य में तीन राजधानी बनाने के निर्णय पर सत्तारूढ़ दल के सदस्याेें ने उनका आभार व्यक्त किया। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार के तीन राजधानी बनाने का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि हजारों एकड़ जमीन देने वाले किसानों का नुकसान न होने पाये  उल्लेखनीय है कि मंगलवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री जगन रेड्डी  के विशाखापट्टनम में कार्यकारी राजधानी, कर्नूल में हाईकोर्ट और अमरावती में विधानसभा और विधान परिषद बनने की घोषणा की थी। सीएम जगन ने अधिकारों के विकेंद्रीकरण पर जोर देते हुए कहा था कि हमें यह सोच बदलनी चाहिए कि राजधानी एक ही जगह होनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका जैसे देश में भी तीन राजधानियां हैं। बाद सदन में सत्तापक्ष के सदस्यों ने जय जगन के नारे लगाए थे। मुख्य विपक्ष दल तेलुगू देशम पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय को तुगलकी फरमान बताते हुये कहा कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी।