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समर्थ भारत का संकल्प

भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद सर्वाधिक प्राचीन है। विश्व के अन्य हिस्सों में जब मानव सभ्यता का विकास भी नहीं हुआ था, हमारे यहां राष्ट्र प्रादुर्भाव हो चुका था। ऋग्वेद में राष्ट्र का सुंदर उल्लेख है। राष्ट्र की भौगोलिक सीमाओं के साथ ही सांस्कृतिक व्यापकता को दर्शाने वाले वर्णन प्राचीन ग्रंथों में है। वेद-पुराणों में भारत के भू-भाग का विस्तृत और स्पष्ट वर्णन मिलता है। इनमें उल्लिखित है कि हिमालय से दक्षिण की ओर समुद्र तक विस्तृत सम्पूर्ण भू-भाग भारतवर्ष है। भारत का भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र पहले बहुत विस्तृत था। आदि शंकराचार्य सुदूर दक्षिण भारत केरल के थे। भारत की सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप उन्होंने देश में चार पीठों की स्थापना की थी। देश के मठ हमारे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीक हैं। भारत ने जब तक अपनी इस महान विरासत पर गर्व किया, जब तक यहां के लोग राष्ट्रीय स्वाभिमान से प्रेरित रहे, तब तक भारत समर्थ रहा। वह विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठत रहा। आज फिर उसी राष्ट्रीय स्वाभिमान को जागृत करने की आवश्यकता है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दिशा में कारगर प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व और नीतियों से विश्व में भारत की प्रतिष्ठा तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए भारत से मध्यस्थता की अपेक्षा की गई है। राष्ट्रीय एकता भारत की शक्ति और महत्व बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को राष्ट्रीय स्वाभिमान बढ़ाने वाला कहा। उन्होंने आपसी एकता पर बल दिया। कभी डाॅ. भीमराव आंबेडकर के साथ जोगेन्द्र नाथ मंडल भी वंचितों की आवाज थे, लेकिन डॉ. आंबेडकर भारत और भारतीयता का समर्थन करते थे। जबकि जोगेन्द्र नाथ मंडल ने पाकिस्तान के निर्माण का समर्थन किया। वह पाकिस्तान के कानून मंत्री भी बने। दो वर्ष के भीतर उनका भ्रम टूट गया। वह पाकिस्तान में दलितों का उत्पीड़न देखते रहे। बाद में उन्हें खुद जान बचाकर भागना पड़ा। वह उत्पीड़ित शरणार्थी के रूप में वापस भारत आए थे। यहां वह गुमनाम बने रहे। वह न पाकिस्तान के हो सके,न भारत में उन्हें सम्मान की नजर से देखा गया। डाॅ. भीमराव आंबेडकर भारतीय राष्ट्रवाद से कभी अलग नहीं हुए। उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया। महर्षि अरविन्द भी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा थे। उन्होंने सजीव भारतमाता की कल्पना की थी। उनका कहना था कि राष्ट्र का उत्थान सबसे बड़ा पुण्य है। स्वामी विवेकानन्द युवा वर्ग को विशेष रूप से राष्ट्रवाद से प्रेरित करना चाहते थे। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के उत्थान के लिए अनेक कार्य कर रही है। प्रदेश की सात हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक खेल का मैदान तथा एक-एक ओपेन जिम की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी गांवों में एक-एक खेल मैदान और एक ओपेन जिम की स्थापना की जाए। खेलों को बढ़ावा दिया जाए। प्रधानमंत्री द्वारा लागू की गई स्टार्टअप इंडिया, स्टैण्डअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। स्वामी विवेकानन्द जयंती पर आयोजित उत्सव युवाओं के लिए ऊर्जादायी है। देश की संस्कृति अत्यन्त समृद्ध है। यहां भारत के कोने-कोने से आए युवाओं के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों की झलक देखने को मिल रही है। यह ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की ही अभिव्यक्ति है। अभी तक भारत की पूरी शक्ति दुनिया को देखने को नहीं मिली है, शीघ्र ही यह सबको दिखाई देगी। देश की प्रगति को शीघ्र ही नई दिशा मिलेगी। खेलो इंडिया में उत्तर प्रदेश के युवा उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। भविष्य में उत्तर प्रदेश खेलों की नई शक्ति बनके उभरेगा। भारत में दुनिया के बीस प्रतिशत युवा मौजूद हैं। इसलिए युवावर्ग को जागृत होकर राष्ट्रीय स्वाभिमान बढ़ाना होगा। युवा उत्सव की थीम ‘फिट यूथ फिट इंडिया’ है। देश में फिट इंडिया मूवमेंट चलाया जा रहा है। हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती 29 जनवरी को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने का निर्णय किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस युवा सम्मेलन को अपना सन्देश भेजा। इसमें कहा गया कि देश को आज ही के दिन एक ऐसी ऊर्जा मिली थी,जो आज भी हमें ऊर्जावान बनाए हुए है। विवेकानन्द जी का कहना था कि सारी शक्ति आपके अन्दर निहित है। युवकों को स्वयं पर विश्वास करना चाहिए। उनका सन्देश आज भी प्रासंगिक है। भारत आज विश्व के शीर्ष तीन स्टार्टअप ईको सिस्टम में से एक है। देश की प्रगति में युवाओं की सहभागिता और शक्ति का सदुपयोग आवश्यक है। युवाओं की सृजनात्मकता के कारण आज देश में छब्बीस हजार नए स्टार्टअप खुले हैं। यह गर्व की बात है। आज देश के युवा टेक्नोलाॅजी का इस्तेमाल कर समस्याओं का साॅल्यूशन दे रहे हैं। नए वेंचर्स स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्रशक्ति बनाने का आह्वान किया।

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बुधवार का राशिफल

भोपाल, 15 जनवरी । युगाब्ध-5121, विक्रम संवत 2076, राष्ट्रीय शक संवत-1941 सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 05:52, ऋतु-शीत  माघ कृष्ण पक्ष पंचमी बुधवार का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आपके सितारे क्या कहते हैं। यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।
मेष राशि : आज का दिन मिला-जुला रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। परिजनों से विवाद हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें। क्रोध पर नियंत्रण और वाणी पर संयम रखें। दूसरों की बात को नजरअंदाज करने का प्रयास करें। दोस्तों और परिजनों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। आकस्मिक खर्च हो सकता है। धार्मिक व्यक्ति के दार्शनिक विचारों को सुनेंगे तो शांत और सहज रहेंगे।
वृषभ राशि : आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यों में सफलता से मनोबल में वृद्धि होगी। धनलाभ और प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा। जमीन, मकान, वाहन आदि में निवेश लाभदायक सिद्ध होगा। दोस्तों से निराशा मिल सकती है लेकिन परिजनों का भरपूर सहयोग रहेगा। अपना काम स्वयं ही निपटाएं, क्योंकि दूसरों के भरोसे रहना ठीक नहीं होगा। सेहत को लेकर सावधानी बरतें। परिवार का वातावारण आपके अनुकूल रहेगा।
मिथुन राशि : आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। राजनीतिक क्षेत्र में उन्नति होगी। ठोस संगठन से जुड़ने के योग हैं। जीवन ध्येय पूरा करने के अवसर मिलेंगे और पद लाभ मिलेगा। खुद को मानसिक रूप से शांत महसूस करेंगे और दुनिया के शोर-शराबे से दूर रहेंगे। अपने भविष्य को लेकर कुछ विचार-विमर्श कर सकते हैं। परिजनों के साथ व्यतीत होगा और उनके द्वारा लाभ भी मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों को परास्त करेंगे।
कर्क राशि : आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार में आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। अपने प्रयासों से अर्थ क्षेत्र में सुधार आएगा। व्यवहार उदार रहेगा और व्यावसायिक योजना फलीभूत होंगी। कहीं यात्रा पर जा सकते हैं। यह यात्रा परिवारजनों या दोस्तों के साथ हो सकती है। मानिसक शांति मिलेगी। नए कार्य का प्रारंभ न करें। वाणी पर संयम रखने से परिजनों के साथ वाद-विवाद नहीं होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
सिंह राशि : आज का दिन आमोद-प्रमोद में व्यतीत होगा। संपत्ति संबंधी कार्य बनेंगे। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ सहयोग करेंगे। शारीरिक और मानसिक प्रसन्नता रहेगी। प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात आनंददायक रहेगी। कोई शुभ समाचार मिलेगा। कार्यक्षेत्र को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। निर्णय लेते समय पर खुद पर भरोसा रखें। दूसरों की सलाह लें लेकिन अंतिम फैसला स्वयं करें। कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
कन्या राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक क्षेत्र में थोड़ा निराशा महसूस कर सकते हैं। सिद्धान्तों पर डटे रहेंगे और कार्यक्षेत्र में अपनी शर्तों पर काम करेंगे। अपनी समस्या का समाधान ढूंढने का प्रयास करें। इसमें किसी जानकार की सलाह भी ले सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ मनमुटाव हो सकते हैं। स्वभाव में क्रोध और आवेश रह सकता है। वाणी-व्यवहार में संयम रखें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
तुला राशि : आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार में धन लाभ की संभावना है। संबंधियों के साथ मुलाकात आनंदित करेगी। सामाजिक क्षेत्र में नौकरी व्यवसाय में लाभ मिलेगा। परिवार में खुशियों भरा माहौल रहेगा लेकिन परिजन किसी तनावपूर्ण स्थिति में डाल सकते हैं। घर में मेहमानों का भी आना-जाना हो सकता है। किसी ऐसी वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं जो भविष्य में लाभ देगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
वृश्चिक राशि : आज का दिन अच्छा रहेगा। जरूरी काम बनने से लाभदायक अवसरों की प्राप्ति होगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। अच्छी खबर भी मिलने के योग हैं। उच्च पदाधिकारी और बुजुर्ग वर्ग की कृपादृष्टि रहेगी। सभी काम सरलता से संपन्न होते हुए प्रतीत होंगे। नौकरी-व्यवसाय के क्षेत्र में परिस्थिति अनुकूल रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्रा पर जाने से बचें और खाना-पान का ध्यान रखें।
धनु राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ेगा। सूझ-बूझ से काम लेंगे तो तनाव में कमी आएगी। कहीं घूमने जाने की योजना बना सकते हैं। नौकरी में उच्च पदाधिकारियों के साथ वाद-विवाद होने से उनकी नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। प्रतिस्पर्धी सिर उठा सकते हैं। नकारात्मक विचारों को मन पर हावी न होने दें। सरकारी काम में अड़चन आ सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
मकर राशि : आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अनोखी अनुभूति कराने वाला साबित हो सकता है। नए कार्य की शुरुआत के लिए समय अच्छा नहीं है लेकिन मेहनत करने से काम जल्दी पूरा करेंगे। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। अनावश्यक कार्यों पर खर्च करना पड़ेगा, जिससे आर्थिक परेशान हो सकती है। सेहत अच्छी रहेगी। गूढ़ और रहस्यमय विद्याएं सीखने में विशेष रुचि ले सकते हैं। आध्यात्मिक सिद्धियां मिलने का योग है।
कुम्भ राशि : आज का दिन अच्छा रहेगा। परिश्रम से कार्यों में सफलता मिलेगी। उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। विकास कार्यों में सफलता मिलेगी। ऑफिस में अधिकारी सहयोग करेंगे। आकस्मिक धन लाभ का योग है। व्यापारियों के व्यापार में वृद्धि होगी। किसी ऐसी व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है जो कोई महत्वपूर्ण सलाह दे सकता है। दांपत्य जीवन का विशेष आनंद मिलेगा। स्नेहीजनों के साथ समय बिताएंगे।
मीन राशि : आज का दिन सामान्य रहेगा। कोई खुशखबरी मिलने से बड़ी समस्या समाप्त हो सकती है। कार्य में सफलता और यश एवं कीर्ति प्राप्त होने की संभावना रहेगी। घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे। आर्थिक लाभ की संभावनाएं हैं लेकिन अनावश्यक खर्च भी बढ़ेंगे। कानूनी फंदे में फंस सकते हैं, इसलिए सूझ-बूझ से काम लें।

 

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ममता ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि 

कोलकाता, 15 जनवरी । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आर्मी दिवस के मौके पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है। बुधवार मुख्यमंत्री ने इस बारे में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि आज आर्मी दिवस है। इस मौके पर मैं उन बहादुर सैनिकों को नमन करती हूं जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी। यह दिन शहीदों को याद करने वाला है और उन परिवारों की भी मदद के लिए खड़ा होने का दिन है जिनके बच्चों ने देश के लिए शहादत दी। जय हिंद। सेना दिवसभारत में आर्मी दिवस हर वर्ष 15 जनवरी को लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फ़ील्ड मार्शल) के. एम. करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश राज के समय के भारतीय सेना के अंतिम अंग्रेज शीर्ष कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बुचर से यह पदभार ग्रहण किया था।
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मायावती को ममता ने दी जन्मदिन शुभकामनाएं 

कोलकाता, 15 जनवरी। बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती को जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुभकामनाएं दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने इस बारे में एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि आज बहन मायावती का जन्मदिन है। उन्हें भविष्य में बेहतरी की शुभकामनाएं दे रही हूं।मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को हुआ था। वह भारतीय राजनीतिज्ञ एवं बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्षा है। दलित राजनीति में‌ अपना दखल रखने वाली इस दलित महिला ने चार बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की बागडोर संभाली है।
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उप्र में मकर संक्रांति की धूम, संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब

लखनऊ, 15 जनवरी ।पवित्र नदियों में स्नान के बाद लोग कर रहे खिचड़ी का दान ज्यातिर्विदों का मत, दिन भर रहेगा स्नान-दान का शुभ मुहूर्त उत्तर प्रदेश में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। तीर्थराज प्रयाग में संगम तट पर आज भोर से ही जहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है, वहीं वाराणसी और कानपुर समेत अन्य नगरों में भी लोग गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में लोग पुण्य की डुबकी लगाकर खिचड़ी, चावल और तिल का दान कर रहे हैं।मकर संक्रांति के अवसर पर राजधानी लखनऊ और गोरखपुर सहित अन्य नगरों में खिचड़ी भोज का भी आयोजन हो रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर के रुप में आज भोर में ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर वहां परंपरागत खिचड़ी मेले की शुरुआत की। प्रयागराज में आज तड़के से ही श्रद्धालु गंगा, यमुना और अंतःसलिला सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। वहां संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा यानि 10 जनवरी से ही माघ मेला का आयोजन चल रहा है। लाखों श्रद्धालु वहां गंगा की गोदी में अस्थाई रुप से बसाई गई टेंट नगरी में कल्पवास का अनुष्ठान कर रहे हैं। संगम की रेती पर आयोजित इस वार्षिक माघ मेले में मकर संक्रांति दूसरा प्रमुख स्नान पर्व माना जाता है। इस अवसर पर पवित्र संगम में डुबकी लगाने के लिए मंगलवार से ही श्रद्धालुओं का आना प्रारम्भ हो गया था। मेला प्रशासन का कहना है कि कल भी करीब 22 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। प्रशासन ने मकर संक्रांति पर आज शाम तक 80 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान किया है।माघ मेले में स्नानार्थियों की सुविधा के लिए मेला प्रशासन की तरफ से डेढ़ दर्जन से अधिक स्नान घाट बनाए गए हैं। घाटों पफिसलन न हो इसके लिए पुआल बिछाया गया है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं।कानपुर और वाराणसी के संवाददाताओं से मिली जानकारी के अनुसार दोनों नगरों में ठंड के बावजूद भारी संख्या में श्रद्धालु मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान कर रहे हैं। स्नान के बाद लोग खिचड़ी, चावल और तिल का दान भी कर रहे हैं।उधर, गोरखपुर में प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने आज भोर में ही गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाकर मेले की शुरुआत की। उनके खिचड़ी चढ़ाने के बाद नेपाल राजवंश की ओर से आई खिचड़ी को परंपरागत रुप से चढ़ाया गया फिर आमजन के खिचड़ी चढ़ाए जाने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। अब पूरे सवा महीने तक लोग आस्था की खिचड़ी बाबा गोरखनाथ को अर्पित कर सकेंगे। आज वहां दिन भर खिचड़ी प्रसाद बंटेगा।  मुख्यमंत्री योगी ने इसके बाद देश और प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दी। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी प्रदेश वासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी है। ज्योतिर्विदों के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही  है। दरअसल यह पर्व पूर्व में 14 जनवरी को पड़ता था, लेकिन वर्ष 2015 से लगभग हर साल इस त्यौहार की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। श्रद्धालु 14 और 15 जनवरी के विवाद में उलझे रहते हैं। ज्योर्तिविदों का कहना है कि यह स्थिति वर्ष 2030 तक बनी रहेगी।  ज्योतिषाचार्य डा. ओमप्रकाशाचार्य ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि इस साल 14 जनवरी की आधी रात के बाद दो बजकर आठ मिनट पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश हुआ। वास्तव में जब सूर्य का मकर राशि में गोचर होता तो उसे ही मकर संक्रांति कहा जाता है। डा.ओमप्रकाशाचार्य कहते हैं कि भगवान सूर्य सूर्योदय से पहले जिस दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं, उसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। चूंकि इस वर्ष यह संयोग 15 जनवरी को हुआ, इसलिए इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी दिन बुधवार को मनाया जा रहा है और पूरे दिन स्नान, दान और अन्य अनुष्ठानों के लिए शुभकर रहेगा।  ज्योतिषाचार्य के अनुसार मकर संक्रांति से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं। साथ ही सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही एक मास से चले आ रहे खरमास का समापन हो जाता है। इसीलिए मकर संक्रांति के दिन से शादी-विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य प्रारम्भ हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि मकर संक्राति के अवसर पर नदियों और सरोवरों में स्नान के साथ सूर्य को अर्घ्य देने और दान करने की परंपरा है। इस पर्व पर गुड़, तिल और खिचड़ी के दान का विशेष महत्व है। उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य बिहार के कुछ क्षेत्रों में मकर संक्रांति को खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है।

 

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आने वाली पीढ़ी 16 जनवरी को मनाएगी मकर संक्रांति

लखनऊ, 15 जनवरी । सूर्य के धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। आने वाले वर्षों में भी यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इसके बाद आने वाली पीढ़ी इसे 16 जनवरी को मनाएगी। इसका कारण सूर्य का अपनी कक्षा में भ्रमण करना है, जिससे 72 साल में 24 घंटे का अंतर आ जाता है।ज्योतिषाचार्य और खगोलशास्त्री एसआर शंकर ने बताया कि सूर्य अपनी धूरी पर 27 दिन में एक चक्कर लगाता है। इस घुर्णन के दौरान लगभग 30 मिनट अपनी धूरी से आगे भी बढ़ जाता है। यह 30 मिनट बढ़ते-बढ़ते लगभग 72 साल में 24 घंटे तक पहुंच जाता है। इस कारण 72 साल बाद मकर संक्रांति भी एक दिन आगे बढ़ जाती है।उन्होंने बताया कि इससे पहले 1863 तक मकर संक्रांति 12 जनवरी को मनाया जाता था। 19वीं सदी में यह 13 जनवरी को मनाया जाने लगा और 1960 से यह 14 जनवरी को पड़ने लगा। इसमें कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। 2030 के बाद यह 15 जनवरी को ही मनाया जाने लगेगा। इसी तरह आगे आने वाली पीढ़ी 2099 के आस-पास 16 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएगी।

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सीएए हिंसा: ईनामियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस

मेरठ, 15 जनवरी । नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 20 दिसम्बर को हुई हिंसा के आरोपितों की गिरफ्तारी को पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस ने 20 हजार के एक ईनामी समेत दो बवालियों को पकड़ लिया है। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं।सीएए के विरोध में हुई हिंसा में बलवाईयों ने जमकर उत्पात मचाया था। पुलिस चौकी और वाहनों को फूंकने के साथ-साथ जमकर तोड़फोड़ की थी। आरएएफ के 30 रंगरूटों को बंधक बना जलाकर मारने की कोशिश की गई थी। पुलिस बवाल करने वालों की तलाश में शिद्दत से जुटी है। हर दिन बवाली पकड़े जा रहे हैं। पुलिस ने 20 हजार के ईनामी अनीस खलीफा को शाने आलम के साथ गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरे 20 हजारी अनस को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।1987 के दंगों में भाई की मौत का बदला लेना चाहता थापकड़े गए अनीस ने पुलिस को बताया कि 1987 के दंगों में उसके भाई रईस की मौत हो गई थी। तभी से वह खून का बदला खून से लेने की जुगत में लगा था। इसी कारण उसने 20 दिसम्बर को बवाल के दौरान पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस इन बवालियों से पूछताछ करके हथियार खरीदने के स्थानों का पता लगाने में जुटी है। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि सीएए हिंसा के अधिकांश आरोपितों ने राधना गांव से ही हथियार खरीदे थे। हथियारों के इन सौदागरों को पकड़ने की कोशिश में पुलिस जुटी हुई है।

 

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दो जोड़ी नई रेलगाड़ियों का संचालन

प्रयागराज, 15 जनवरी । उत्तर मध्य रेलवे यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर दो जोड़ी नई गाड़ियों का संचालन करेगा।
उमरे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अजीत कुमार सिंह के अनुसार गाड़ी 22466 आनन्द विहार (ट)-मधुपुर बाबा वैद्यनाथ धाम देवघर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) आनन्द विहार (ट) से 15 जनवरी से चलेगी। 22465 मधुपुर-आनन्द विहार (ट) बाबा वैद्यनाथ धाम देवघर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) मधुपुर से 16 जनवरी को चलेगी। गाड़ी संरचना में एसएलआर-2, सामान्य श्रेणी-4, स्लीपर श्रेणी-7, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी-1, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी-1 सहित कुल 15 कोच होंगे।इसी प्रकार गाड़ी संख्या 22460 आनन्द विहार (ट)-मधुपुर बाबा वैद्यनाथधाम देवघर हमसफर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) आनन्द विहार (ट) से 20 जनवरी से और गाड़ी संख्या 22459 मधुपुर-आनन्द विहार बाबा वैद्यनाथ धाम देवघर हमसफर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) मधुपुर से 21 जनवरी से चलेगी। गाड़ी संरचना में एसएलआर-2, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी-16 सहित कुल 18 कोच होंगे।

 

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महायोगी गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए शक्ति पीठ देवीपाटन में उमड़ी भीड़

बलरामपुर, 15 जनवरी। शक्तिपीठ मंदिर देवीपाटन में महायोगी गुरु गोरखनाथ जी को खिचड़ी चढ़ाने के लिए बुधवार भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।मकर संक्रांति पर्व पर शक्तिपीठ मंदिर देवीपाटन में स्थापित गुरु गोरक्षनाथ प्रतिमा पृथ्वी चढ़ाने के लिए क्षेत्र के दूर-दराज से श्रद्धालु शक्तिपीठ देवीपाटन पहुंच पवित्र सरोवर सूर्य कुंड में स्नान कर मां पाटेश्वरी देवी के दर्शन पूजन कर महायोगी गुरु गोरखनाथ खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। मान्यता है कि हजारों वर्ष पूर्व शक्तिपीठ देवीपाटन में गुरु गोरक्षनाथ जी ने वर्षों तक तपस्या की थी, उन्हीं के द्वारा प्रज्वलित किया अखंड धूना युगों-युगों से आज भी जल रहा है। बताया जाता है कि इस शक्ति पीठ देवीपाटन की स्थापना गुरु गोरक्षनाथ ने की थी। श्रद्धालु गोरक्षनाथ जी के द्वारा प्रज्वलित अखंड धूना का भी दर्शन करते हैं। मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालु अखंड धूना, गोरक्ष गद्दी का दर्शन कर स्थापित गुरु गोरखनाथ जी के प्रतिमा पर खिचड़ी चढ़ाते हैं। मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं के भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं।

 

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मकर संक्रांति: मखदूमपुर और ब्रजघाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

मेरठ, 15 जनवरी । मकर संक्रांति पर बुधवार को मेरठ में मखदूमपुर और हापुड़ जनपद में ब्रजघाट में श्रद्धालुओं में गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। बागपत और सहारनपुर में श्रद्धालुओं ने यमुना में पवित्र स्नान किया। श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की और खिचड़ी का प्रसाद चखा। बुधवार को मकर संक्रांति पर मेरठ जनपद के मखदूमपुर गंगा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दूर-दूर से भैंसा-बुग्गियों और ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में हजार श्रद्धालु पहुंचे और गंगा नदी में स्नान किया। भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य देकर पूजा की और खिचड़ी का प्रसाद चखा। इसी तरह से हापुड़ जनपद के ब्रजघाट स्थित गंगा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। बागपत में यमुना नदी के पक्का घाट पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसी तरह से सहारनपुर में भी यमुना नदी में लोगों ने पवित्र स्नान किया। मकर संक्रांति के साथ ही पंचक, खरमास और अशुभ समय समाप्त होकर मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो गई। कई नामों से मनाई जाती है मकर संक्रांतिदेश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों माघी, पोंगल, उत्तरायण, खिचड़ी पर्व, मकर संक्रांति आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन दान देने से विशेष लाभ मिलता है। पंडित राहुल अग्रवाल ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन दान करने से पुण्य मिलता है। इस दिन आग पर तिल भुने जाते हैं।