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सुरक्षित-हाईटेक पर्यटन के लिये प्रदेश के नाविकों का गोवा में प्रशिक्षण

भोपाल।

ईको पर्यटन बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय वनोद्यान, टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में पर्यटकों को सुरक्षित, हाईटेक और सुप्रशिक्षित बोटिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिये गोवा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटर स्पोर्ट्स में प्रदेश के नाविकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। वन विभाग ने गत सप्ताह मुरैना चम्बल सफारी के 2 नाविकों सतीश बाबू और सियाराम कुशवाहा, बालाघाट जिले के गांगुलपारा जलाशय के सुरेन्द्र पाचे और खण्डवा जिले के बोरियामाल जलाशय के संतोष को लायसेंस रिवेलिडेशन (लायसेंस उन्नयनीकरण) के लिये गोवा के डोना पौला भेजा है। इन नाविकों को 2 वर्ष पूर्व पूर्ण प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के नाविकों के अलावा, उत्तराखण्ड, तमिलनाडु, केरल और जम्मू-कश्मीर के नाविकों ने भी भाग लिया। अब तक 30 नाविक प्रशिक्षित उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 से एनआईडब्ल्यूएस में शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा लगातार अपने नाविकों को भेजकर आधुनिक तकनीक और सुरक्षात्मक उपायों से अद्यतन किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 30 नाविक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। दो वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें दोबारा लायसेंस उन्नयनीकरण के लिये गोवा भेजा जाता है। व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ नाविकों की लिखित और मौखिक परीक्षा भी होती है। यह उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण सेवानिवृत्त नेवी अधिकारियों द्वारा दिया जाता है।

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कूनो में मिली दुर्लभ पक्षियों की 12 प्रजातियाँ

भोपाल।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कराये गये बर्ड सर्वे में 174 प्रजातियों का पता लगा है। इनमें 12 दुर्लभ प्रजाति के पक्षी हैं। ये पक्षी हैं एल्पाइन स्विफ्ट, यलो लेग्ड बटनक्वेल, लांग टेल्ड मिनवेट, कॉमन ग्रास होपर, वार्बलर, डस्की वार्बलर, स्मोकी वार्बलर, इण्डियन स्पॉटेड क्रीपर, साइबेरियन रूबीथ्रोट, ब्ल्यू केप्ड रॉक थ्रश, ग्रे बुशचट और व्हाइट केप्ड बंटिंग। देश में भी इन पक्षियों की प्रजातियाँ बमुश्किल ही मिलती हैं। लगभग 60 लोगों की 22 टीमों ने 44 सर्वे रूट पर पक्षी सर्वे किया।वन मण्डलाधिकारी श्री बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि अन्य पक्षियों में 4 प्रजाति की किंगफिशर, विभिन्न प्रजाति के पैराकीट, श्राइक, प्रिनिया, मॉर्टिन, स्वेलो, बाबलर आदि 174 प्रजाति के पक्षी सर्वेक्षण के दौरान मिले हैं।

 

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पारम्परिक कलाओं के उत्सव “लोकरंग” की चौथी शाम

भोपाल

पारम्परिक कलाओं के उत्सव ‘लोकरंग’ में चौथे दिन 29 जनवरी को ‘देशान्तर’ उपक्रम में मयूरी ग्रुप में रूस की युवा कलाकारों की भारतीय शैली में हिंदी गीत  देश मेरा रंगीला.. पर  रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर नृत्य-गायन की प्रस्तुति अद्भूत थी। संध्या  कार्यक्रम की शुरूआत देशराग के अंतर्गत श्री शाहिर अवधूत बापूराव विभूते (महाराष्ट्र) एवं साथियों ने ‘पोवाड़ा गायन’ की  प्रस्तुति से हुई। पोवाड़ा गायन वीर योद्धाओं को युद्ध में उत्साहित करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है। लोकरंग में अगली प्रस्तुति में गणगौर निमाड़ी परम्परा का नृत्य-गायन हुआ। प्रदेश के निमाड़ अंचल में गणगौर का पर्व बहुत हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। चैत्र मास की नवरात्रि में पूरा निमाड़ अंचल गणगौर माता के गीतों से गूंज उठता है। गीत और नृत्य गणगौर पर्व की आत्मा है। गणगौर पर्व आते ही ढोल और थाली की थाप पर समूचा निमाड़ अंचल झूम उठता है। शिव और पार्वती के रूप में धनियर राजा और रनु बाई की पूजा अर्चना की जाती है। जवारों के रूप में माता की स्थापना की जाती है, माता के मूर्तिनुमा रथ सजाए जाते हैं। इन रथों को आंगन में रखकर महिलाएँ गीत गाते हुए झालरिया नृत्य करती हैं।  पुरुष और स्त्रियां खाली रथों को अपने सिर पर रखकर झेला नृत्य करते हैं। गणगौर पर्व का ऐसा कोई भी कार्य नहीं, जो  गीतों के बिना संभव हो। लोकरंग प्रस्तुत नृत्य नाटिका में गीत और नृत्य के माध्यम से गणगौर पर्व के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने का प्रयास किया गया। बाड़ी पूजन, आरती, फूल पाती नृत्य, झालरिया नृत्य, विदाई और झेला नृत्य के माध्यम से गणगौर पर्व की संगीत नृत्य परंपरा की  झांकी संजय महाजन और   समूह  द्वारा प्रस्तुत  की गई।  सभी कलाकारों ने अपने कलात्मक अभिनय कौशल से  मंत्र मुग्ध कर दिया। संजय महाजन, बड़वाह का निर्देशन सराहनीय रहा।धरोहर’ और ‘लोकराग’ के अंतर्गत जनजातीय एवं लोकनृत्यों के प्रदर्शन में घसिया जनजातीय का करमा नृत्य-उत्तरप्रदेश  के श्री राम आधार एवं  समूह ने किया। यह नृत्य घासिया जनजाति समुदाय  भादो में करमा देवी की पूजा करमा वृक्ष की लकड़ियों को घर में लाकर करता है। खुशियों के अवसर पर जनजाति के लोग नृत्य-गायन कर उत्साह मनाते हैं। कोरकू जनजातीय गदली एवं थापटी नृत्य मध्यप्रदेश  के श्री मंशाराम, हरदा के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया।तेलंगाना के कुम्मकोया नृत्य  की प्रस्तुति भी प्रभावशाली थी। इस नृत्य में मानसून की शुरुवात  से लेकर सावन  तक  फसल की अच्छी पैदावार के लिए उल्लास  और आशा के भाव से कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है। पुरूष कलाकार सिर पर मोर पंख और सींग लगाकर यह नृत्य प्रस्तुत करते हैं।  ओडिसा के श्री राजेन्द्र महापात्र एवं समूह  ने शंख ध्वनि नृत्य  प्रस्तुत किया।लोकरंग में कालबेलिया, मुरिया, ढिमसा के नृत्यों की प्रस्तुतियां भी की गईं।   उत्सव में बड़ी संख्या में आमजन स्वाद, शिल्प बाजार, प्रदर्शनी देखने भी पहुँचे। 

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पारम्परिक कलाओं का उत्सव “लोकरंग”

भोपाल। 

पारम्परिक कलाओं के उत्सव ‘लोकरंग’ का तीसरा दिन मंगलवार 28 जनवरी कव्वाली, नृत्य-नाटिका, जनजातीय और लोक-नृत्य की प्रस्तुतियों से सरोबार रहा। उत्सव की शुरूआत ‘देशराग’ से हुई, जिसमें सुप्रसिद्ध कव्वाल नियाजी ब्रदर्स और साथियों ने अमीर खुसरो की रचना ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके….,’ की प्रस्तुति से संगीत सभा का समां बांधा, श्रोता मंत्र-मुग्ध हो गये। इसके बाद कलात्मक अभिव्यक्ति की मिसाल  रही आदि शिल्पी में प्रस्तुत नृत्य-नाटिका। इसका निर्देशन भोपाल के चन्द्रमाधव बारीक ने किया। लोक-नर्तको के कलात्मक अभिनय-कौशल से नृत्य प्रेमी काफी प्रभावित हुए। ‘धरोहर’ और ‘लोकराग’ के अंतर्गत दशहरे पर अच्छी फसल की पैदावार होने पर किया जाने वाला नृत्य—गायन मनकुराम नेताम के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। सोंगी मुखौटा नृत्य नासिक,महाष्ट्र द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह नृत्य चैत्र पूर्णिमा पर सप्तश्रृंगारदेवी की पूजा के साथ होली के त्यौहार पर करते हैं। इसमें नर्तक पुरूष कलाकारों द्वारा नरसिंह, कालभैरव, वेताल के मुखौटे पहन कर लय, ताल, के साथ जोशपूर्ण नृत्य किया जाता है। ढिमसा जनजातीय नृत्य के. के. एस. इन्द्रजा (विशाखापटनम) के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। यह आंध्रप्रदेश के अक्रू स्थान की महिलाएँ शादी और त्यौहारों के शुभअवसर पर भगवान को याद करते हुए प्रस्तुत करती हैं। ढोलू कुनीथा नृत्य भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है।  कर्नाटक के श्री हेमंथ मनजप्पा के निर्देशन में इस नृत्य की प्रस्तुति सराहनीय रही। ‘बैगा जनजातीय गायन’ हुआ, जो दशहरा पर फसलों की पैदावार अच्छी हो जाने पर ईश्वर को आभार देते हुए किया जाता है। देशान्तर में आस्ट्रेलिया के नृत्यों में आस्ट्रेलियन वॉस डांस,मार्डन हॉका, इन सफारी, स्पेशल गर्ल्स की थीम पर नृत्यों को आस्ट्रेलिया की महिला नृतकों द्वारा प्रस्तुत किया गया।‘लोकरंग’ उत्सव में बच्चों की गतिविधियों  के कार्यक्रम ‘उल्लास’ के अंतर्गत कठपुतली में गांधीजी के जीवन पर आधरित नाट्य प्रस्तु​ति हुई। इसके बाद फिल्म रेड वैलून का शो हुआ। बच्चों ने बिना कागज को काटे कुर्सी,मेज और खिलौने बनाये। विहान ग्रुप ने कविता,कहानी की प्रस्तुति  दी, जिसमें सभी स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया।

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अमरकंटक में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक होगा नर्मदा महोत्सव

राज्य सरकार द्वारा नर्मदा जयंती के अवसर पर अमरकंटक की सुरम्य वादियों में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक नर्मदा महोत्सव आयोजित किया जायेगा। महोत्सव के दौरान अमरकंटक में प्रतिदिन माँ नर्मदा तट ‘रामघाट’ पर 7 पुजारियों द्वारा एक साथ महाआरती की जाएगी। इस दौरान माँ नर्मदा के जीवन पर आधारित लाईट एण्ड साउण्ड शो आयोजित किया जाएगा। अमरकंटक शहर के विभिन्न स्थलों पर महाआरती का सीधा प्रसारण किया जाएगा। महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, कला एवं स्वास्थ्यवर्धक कोदो-चावल आदि कृषि उत्पादों का आमजनों के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। नर्मदा महोत्सव में प्रकृति प्रेमियों को क्षेत्र की प्राकृतिक सुन्दरता और भौतिक उच्चावत से परिचित कराने के लिये प्रतिदिन 4 रूट पर ट्रेकिंग गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसी तरह, स्थानीय मैकल पार्क में इंदिरा गाँधी जनजातीय विश्वविद्यालय के योग शिक्षकों के द्वारा आमजनों के लिये योगाभ्यास शिविर आयोजित किये जाएंगे। नर्मदा महोत्सव का पहला दिन नर्मदा महोत्सव के पहले दिन सुबह 7 से 8 बजे तक मैकल पार्क में योगाभ्यास, 8 से 10 बजे तक शंभूधारा से पंचधारा से कपिलधारा और कबीर चम्बूतरा से धोनी पानी से सोनमुड़ा तक ट्रेकिंग की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके बाद सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक नर्मदा मंदिर से माँ नर्मदा शोभा यात्रा निकाली जाएगी। महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन दोपहर 12 बजे सर्किट हाउस ग्राउण्ड पर होगा। उद्घाटन स्थल पर शाम 5 से 7 बजे तक बैगा आदिवासी जनजातीय समूह के स्थानीय लोक कलाकार गुदुम, सैला और कर्मा आदि लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। शाम 7 से 7.30 बजे तक महाआरती के बाद स्थानीय लोक कलाकार पुन: स्थानीय लोककलाओं का मंचन करेंगे। नर्मदा जयंती पर नारी शक्ति केन्द्रित कार्यक्रम अमरकंटक नर्मदा महोत्सव-2020 में दूसरे दिन एक फरवरी को माँ नर्मदा जयंती के अवसर पर सभी कार्यक्रम नारी शक्ति पर केन्द्रित होंगे। इस दिन के कार्यक्रमों की थीम होगी ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ’। महोत्सव का तीसरा दिन नर्मदा महोत्सव के तीसरे दिन 2 फरवरी को योगाभ्यास, ट्रेकिंग, माँ नर्मदा जयंती पूजन, कन्या भोज, स्थानीय लोक कला मंचन और महाआरती के बाद शाम 7.30 से रात 9.30 बजे तक सर्किट हाउस ग्राउण्ड पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में सुश्री मैथिली ठाकुर, अयावी और ऋषभ ठाकुर संगीतमयी प्रस्तुति देंगे। सुश्री मैथिली भोजपुरी, कजरी, छठ और अन्य प्रादेशिक लोक गीतों के साथ बालीवुड के गीतों की सुप्रसिद्ध गायिका हैं। सुप्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खेर की प्रस्तुति से होगा समापन नर्मदा महोत्सव के चौथे और अंतिम दिन 3 फरवरी को शाम 7.30 से रात 9.30 बजे तक स्रप्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खेर अपने बैण्ड ‘कैलासा’ के साथ भौतिक सीमाओं से परे आत्मीय आनंद की संगीतमय प्रस्तुति करेंगे। इस दिन भी सुबह से शाम 7.30 बजे तक संगीत प्रेमियों और पर्यटकों के लिये निर्धारित समय पर योगाभ्यास, ट्रेकिंग, 108 कुंड़ीय हवन, स्थानीय लोक कला का मंचन और महाआरती का आयोजन होगा। महोत्सव के समापन अवसर पर 9.30 से 10 बजे तक पुरस्कार वितरण समारोह होगा। जनजातीय कला एवं संस्कृति का विधिवत प्रदर्श अमरकंटक नर्मदा महोत्सव-2020 के दौरान स्थानीय जनजातीय कला एवं संस्कृति का विधिवत प्रदर्शन किया जाएगा। जनजातीय कलाकारों को यहाँ की सांस्कृतिक विरासत को बड़े स्तर पर पहुँचाने के लिये प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य मंच प्रदान किया जाएगा। महोत्सव में जनजातीय समूहों द्वारा निर्मित आभूषणों, बीजापुरी काष्ठा शिल्प आदि के स्टॉल लगाये जाएंगे। महोत्सव में दोपहर 12 से 12.30 तक नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा जयंती पूजन होगा। दोपहर 12.30 से 3 बजे तक रामघाट पर 2100 कन्याओं के लिये सामूहिक कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के समापन अवसर पर क्षेत्र की समृद्धि, खुशहाली एवं दैवीय आशीर्वाद की प्राप्ति के लिये 108 कुंडीय हवन का आयोजन किया जाएंगा।

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लोक कलाकारों के लिये सशक्त मंच है लोकरंग : मंत्री डॉ. साधौ

भोपाल।

संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की शाम रवीन्द्र भवन भोपाल में पांच दिवसीय लोकरंग समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोकरंग एक ऐसा मंच है, जहाँ लोक कलाकारों को खुला आकाश मिलता है, प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। यह मंच कलाकारों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उभारने में सहायक होता है। लोकरंग का शुभारंभ रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर हुआ। इस मौके पर मंत्री डॉ. साधौ का पारम्परिक लोक वाद्य यंत्रों की कर्णप्रिय धुनों से स्वागत किया गया। लोकरंग में पांचों दिन देश के विभिन्न प्रान्तों के लोक कलाकार अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। शुभारंभ अवसर पर मण्डला, डिण्डोरी और छिन्दवाड़ा जिले के गोंड लोक नर्तकों ने पारम्परिक लोक नृत्य और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। पुरस्कार वितरण मंत्री डॉ. साधौ ने लोकरंग समारोह में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदर्शित झांकियों में से निर्णायक मंडल के चयन के आधार पर निर्वाचन  कार्यालय की झाँकी को पहला, जेल विभाग की झाँकी को दूसरा और गृह विभाग की झाँकी को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया। पर्यटन विभाग को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में  श्रेष्ठ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए छात्र छात्राओं को  भी लोकरंग समारोह में पुरस्कार दिए गए। साथ ही, विभिन्न परेड दल और  सात स्कूल के कुल  124 विद्यार्थी  शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए पुरस्कृत किए गए।  गोंड चित्र प्रदर्शनी और विशेष पुस्तिका संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने समारोह में गोंड चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन और गोंडवाना चित्रकला पर प्रकाशित विशेष पुस्तिका का लोकार्पण किया। लोक नाट्य ‘राजा पेमल शाह” का समारोह में प्रभावी मंचन हुआ।   गोंड आख्यान आधारित नाटक में अभिनेता शहबाज खान  इसके सूत्रधार थे। निर्देशक रामचंद्र सिंह थे। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ,संचालक जनजातीय संग्रहालय राजेश मिश्र और अभिनेता राजीव वर्मा  आदि उपस्थित थे।कव्वाली और नृत्य-नाटिका लोकरंग समारोह के तीसरे दिन 28 जनवरी को देशराग में उत्तरप्रदेश के कव्वाल अपनी प्रस्तुति देंगे। आदि शिल्पी के अंतर्गत चन्द्रमाधव बारीक के निर्देशन में नृत्य नाटिका प्रस्तुत होगी। इसी शाम 6 राज्यों के जनजातीय नृत्य होंगे। देशान्तर में आस्ट्रेलिया के कलाकार नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। निमाड़ के गणगौर और महाराष्ट्र के पारम्परिक गायन से सजेगी शाम लोकरंग समारोह के चौथे दिन 29 जनवरी को देशराग में महाराष्ट्र का पोवाड़ा गायन और मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल का गणगौर प्रस्तुत किया जायेगा। चौथी शाम को भी धरोहर में 6 राज्यों के जनजातीय लोकनर्तक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। देशान्तर में रूस के कलाकार नृत्य प्रस्तुत करेंगे। समारोह के पांचवें और आखरी दिन 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्य-तिथि के अवसर पर सूफी गायक ध्रुव सांगड़ी का गायन होगा। चित्र और पुस्तक प्रदर्शनी लोकरंग समारोह में उल्लास के अंतर्गत आगामी 30 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से बच्चों के रूझान अनुसार गतिविधियों का आयोजन हो रहा है। इसी तरह, प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से गोण्डों के कथा साक्ष्य की चित्र प्रदर्शनी गोण्डवानी,सौन्दर्य की नदी नर्मदा के जनजातीय कथा चित्रों की प्रदर्शनी और शाश्वत, मिट्टी के खेल-खिलौनों की एकाग्र प्रदर्शनी लगायी गई है। जनजातीय चित्र शिविर एवं जनजातीय चित्र सृजन सह-विक्रय की व्यवस्था भी है। विविध माध्यमों के शिल्प सृजन-सह विक्रय होगा। संस्कृति, कला और साहित्य आधारित पुस्तकें एवं अलग-अलग माध्यमों में शिल्प विक्रय की प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र है। व्यंजन मेला स्वाद के अंतर्गत लोकरंग के विशाल परिसर में व्यंजन मेला भी लगाया गया है। पाक कला में माहिर विभिन्न राज्यों के जनजातीय देशज व्यंजनों के व्यंजनकार खास शैली में व्यंजन तैयार कर रहे हैं। मेले में कला प्रेमियों को विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन लुभा रहे हैं।

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9 अभिनेत्रियों की पहली शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ का फर्स्ट लुक आउट, प्रियंका बनर्जी हैं फिल्म की निर्देशक

अभिनेत्री काजोल अपनी पहली शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जो महिलाओं के मुद्दों पर प्रकाश डालती है। वह इस फिल्म में पहली बार श्रुति हासन के साथ स्क्रीन साझा कर रही हैं। फिल्म एवं ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर कर लिखा-‘शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ से काजोल, श्रुति हासन, नेहा धूपिया, नीना कुलकर्णी, मुक्ता बर्वे, संध्या म्हात्रे, रामा जोशी, शिवानी रघुवंशी और यशस्विनी दयामा का फर्स्ट लुक… ‘देवी’ प्रियंका बनर्जी द्वारा निर्देशित … इलेक्ट्रिक एपल्स एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित ‘शॉर्ट फिल्म।’ श्रुति हासन ने इंस्टाग्राम पर शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ का फर्स्ट लुक शेयर कर लिखा-‘इन अविश्वसनीय महिलाओं के साथ मेरी पहली लघु फिल्म !! मुझे इसका एक हिस्सा बनाने के लिए धन्यवाद इलेक्ट्रिक एपल्स !! वास्तव में खुशी हुई है#देवी। साथ ही श्रुति ने काजोल, नीना कुलकर्णी, इलेक्ट्रिक एपल्स, नेहा धूपिया, निरंजन अयंगर, रयान स्टीफन और प्रियंका बनर्जी को टैग किया।’ ‘देवी’ के फर्स्ट लुक में सभी कलाकारों के चेहरे पर अलग-अलग भाव दिखाता है। फिल्म की पूरी महिला स्टारकास्ट एक साथ बैठी नजर आ रही है। फिल्म में काजोल, श्रुति हसन, नेहा धूपिया, नीना कुलकर्णी, मुक्ता बर्वे, संध्या म्हात्रे, रामा जोशी, शिवानी रघुवंशी और यशस्विनी दयामा मुख्य भूमिका में हैं। तस्वीर में काजोल केंद्र में एक सूती साड़ी में बैठी दिख रही हैं, जो कैमरे की तरफ देख रही है। वह बाईं ओर श्रुति हासन के साथ दिखाई देती हैं और नीना कुलकर्णी चिंतित अभिव्यक्ति के साथ दाईं ओर आराम से बैठी हैं। नेहा धूपिया को शर्ट पैंट में दाईं ओर आत्मविश्वास से खड़े देखा गया है। अभिनेत्री यशस्विनी दयामा स्कर्ट-टॉप में फर्श पर बैठी हुई हैं। वह भी घबराई हुई लग रही है। तस्वीर में मुक्ता बर्वे को बुर्का में सोफे पर झुकते हुए भी दिखाया गया है, नारंगी साड़ी में काजोल के पीछे खड़ी संध्या म्हात्रे, शिवानी रघुवंशी एक लैब कोट में और रमा जोशी सलवार-सूट में बेहद बाईं ओर खड़ी हैं।फिल्म ‘देवी’ की कहानी समाज के विभिन्न हिस्सों से नौ उत्पीड़ित महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमता है। ‘देवी’ काजोल और श्रुति की पहली शॉर्ट फिल्म है। फिल्म को केवल दो दिनों में शूट किया गया है। ‘देवी’ नौ पीड़ित महिलाओं की कहानी है। उन्हें समाज के अलग-अलग हिस्सों से, एक छोटे से कमरे में रहने वाले, एक देश में अपनी जगह और कहानियों को साझा करने की दुविधा का सामना करना पड़ा। ‘देवी’ का निर्माण निरंजन अयंगर और रयान स्टीफन की इलेक्ट्रिक एपल्स एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। शॉर्ट फिल्म ‘देवी’ प्रियंका बनर्जी द्वारा लिखित और निर्देशित है।

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डीएलएड प्रथम और डीएड द्वितीय वर्ष के परिणाम घोषित

रायपुर, 15 जनवरी ।पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन 16 जनवरी से  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित डीएलएड प्रथम और डीएड द्वितीय वर्ष अवसर परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया गया। परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। डीएलएड प्रथम और डीएड द्वितीय वर्ष अवसर परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित कर मंडल की वेबसाइट पर भी जारी किया गया। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित डीएलएड अवसर परीक्षा वर्ष 2019 के प्रथम वर्ष में कुल दो हजार 134 प्रशिक्षणार्थी पंजीकृत हुए। सभी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, इनमें से 962 बालक और एक हजार 172 बालिकाएं हैं। उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 1250 है जो सम्मिलित परीक्षार्थियों का 58.87 प्रतिशत है। इसमें से उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 58.44 और बालकों का प्रतिशत 59.41 है। इनमें से 11 परीक्षार्थियों का परिणाम विभिन्न कारणों से रोका गया है। डीएलएड और डीएड अवसर परीक्षा 2019 के द्वितीय वर्ष में कुल एक हजार 802 प्रशिक्षणार्थी पंजीकृत हुए। सभी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, इनमें से 915 बालक और 887 बालिकाएं हैं, एक हजार 147 प्रशिक्षाणार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जो शामिल परीक्षार्थिओं की संख्या का 64.04 प्रतिशत है। इनमें से उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 63.72 और बालकों का प्रतिशत 64.34 है। विभिन्न कारणों से 11 परीक्षार्थियों का परिणाम रोका गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रोफेसर वीके गोयल ने बताया कि परीक्षार्थी पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए 16 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए परीक्षार्थी मंडल की वेबसाइट में दिए गए पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन ऑनलाइन विकल्प का चयन कर अनुक्रमांक की प्रविष्टि करेंगे। उसके उपरांत विषयों का चयन कर ऑनलाइन भुगतान करना होगा। ऑनलाइन भुगतान सफल होने के बाद पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के आवेदन मंडल द्वारा मान्य किए जाएंगे।
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कर्नाटक राज्य का बजट 05 मार्च को होगा पेश

बेंगलुरु, 15 जनवरी । मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बताया कि वह 05 मार्च को राज्य का बजट विधानसभा में पेश करेंगे। येदियुरप्पा ने लोगों को मकर संक्रांति पर्व की बधाई देते हुए यह घोषणा की। जुलाई में सत्ता संभालने के बाद येदियुरप्पा सरकार का यह पहला बजट होगा।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में ‘मकर संक्रांति’ धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। रामनगर और मंड्या में किसान गन्ने की ढुलाई में व्यस्त हैं। मकर संक्रांति के मौके पर लोग पूजा अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। कर्नाटक में इस दिन बैलों और गायों को सजाकर शोभायात्रा निकाली जाती है। लोग नए कपड़े पहनकर एक−दूसरे को गन्ना, सूखा नारियल और भुने चने का आदान−प्रदान करते हैं।

 

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 गरीबों के बीच हिसुआ नगर पंचायत के पार्षदों ने बांटे कंबल

नवादा ,15 जनवरी ।नवादा जिले की हिसुआ नगर पंचायत अन्तर्गत वार्ड नंबर 17 में वार्ड पार्षद माधवी देवी ने  बढ़ती ठंड को देखते हुए गरीब व वेसहारा लोगों के बीच नगर पंचायत की  पहल पर बुधवार को कंबल वितरण किया । इस मौके पर वार्ड पार्षद माधवी देवी एवं उनके पति भाजपा नेता व पूर्व वार्ड पार्षद पवन कुमार गुप्ता ने   मकर संक्रान्ति के मौके पर चूड़ा- दही व तिलकुट भोज का आयोजन कर वार्ड के लोगों क़ो नववर्ष एवं मकरसंक्रान्ति की शुभकामनाएं दीं  । पार्षद माधवी देवी ने नगर पंचायत के सौजन्य से वार्ड 17 में 80  कंबल का वितरण किया जिसमें वार्ड 17 के लोग लाभान्वित हुए। मौके पर  हिसुआ नगर पंचायत अध्यक्षा कुंती देवी , वार्ड पार्षद अशोक चौधरी , पवन कुमार गुप्ता , केदार साव , संदीप कुमार , नवीन रविदास आदि ने उपस्थित सभी लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं देकर उन्हें कंबल देकर चूड़ा -दही व तिलकुट खिलाया  । कंबल वितरण से गरीब व बेसहारा लोगों में काफी उत्साह देखा गया । कड़ाके की ठंड में कंबल पाकर लोग काफी खुश और गदगद हुए। इस कार्य पर लाभान्वित गरीबों ने नगर पंचायत वार्ड पार्षद माधवी देवी को धन्यवाद और आशीर्वाद दिया।