सुरक्षित-हाईटेक पर्यटन के लिये प्रदेश के नाविकों का गोवा में प्रशिक्षण

भोपाल।

ईको पर्यटन बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय वनोद्यान, टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में पर्यटकों को सुरक्षित, हाईटेक और सुप्रशिक्षित बोटिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिये गोवा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटर स्पोर्ट्स में प्रदेश के नाविकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। वन विभाग ने गत सप्ताह मुरैना चम्बल सफारी के 2 नाविकों सतीश बाबू और सियाराम कुशवाहा, बालाघाट जिले के गांगुलपारा जलाशय के सुरेन्द्र पाचे और खण्डवा जिले के बोरियामाल जलाशय के संतोष को लायसेंस रिवेलिडेशन (लायसेंस उन्नयनीकरण) के लिये गोवा के डोना पौला भेजा है। इन नाविकों को 2 वर्ष पूर्व पूर्ण प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के नाविकों के अलावा, उत्तराखण्ड, तमिलनाडु, केरल और जम्मू-कश्मीर के नाविकों ने भी भाग लिया। अब तक 30 नाविक प्रशिक्षित उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 से एनआईडब्ल्यूएस में शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा लगातार अपने नाविकों को भेजकर आधुनिक तकनीक और सुरक्षात्मक उपायों से अद्यतन किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 30 नाविक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। दो वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें दोबारा लायसेंस उन्नयनीकरण के लिये गोवा भेजा जाता है। व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ नाविकों की लिखित और मौखिक परीक्षा भी होती है। यह उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण सेवानिवृत्त नेवी अधिकारियों द्वारा दिया जाता है।

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