लोक कलाकारों के लिये सशक्त मंच है लोकरंग : मंत्री डॉ. साधौ

भोपाल।

संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की शाम रवीन्द्र भवन भोपाल में पांच दिवसीय लोकरंग समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोकरंग एक ऐसा मंच है, जहाँ लोक कलाकारों को खुला आकाश मिलता है, प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। यह मंच कलाकारों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उभारने में सहायक होता है। लोकरंग का शुभारंभ रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर हुआ। इस मौके पर मंत्री डॉ. साधौ का पारम्परिक लोक वाद्य यंत्रों की कर्णप्रिय धुनों से स्वागत किया गया। लोकरंग में पांचों दिन देश के विभिन्न प्रान्तों के लोक कलाकार अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। शुभारंभ अवसर पर मण्डला, डिण्डोरी और छिन्दवाड़ा जिले के गोंड लोक नर्तकों ने पारम्परिक लोक नृत्य और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। पुरस्कार वितरण मंत्री डॉ. साधौ ने लोकरंग समारोह में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदर्शित झांकियों में से निर्णायक मंडल के चयन के आधार पर निर्वाचन  कार्यालय की झाँकी को पहला, जेल विभाग की झाँकी को दूसरा और गृह विभाग की झाँकी को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया। पर्यटन विभाग को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में  श्रेष्ठ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए छात्र छात्राओं को  भी लोकरंग समारोह में पुरस्कार दिए गए। साथ ही, विभिन्न परेड दल और  सात स्कूल के कुल  124 विद्यार्थी  शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए पुरस्कृत किए गए।  गोंड चित्र प्रदर्शनी और विशेष पुस्तिका संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने समारोह में गोंड चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन और गोंडवाना चित्रकला पर प्रकाशित विशेष पुस्तिका का लोकार्पण किया। लोक नाट्य ‘राजा पेमल शाह” का समारोह में प्रभावी मंचन हुआ।   गोंड आख्यान आधारित नाटक में अभिनेता शहबाज खान  इसके सूत्रधार थे। निर्देशक रामचंद्र सिंह थे। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ,संचालक जनजातीय संग्रहालय राजेश मिश्र और अभिनेता राजीव वर्मा  आदि उपस्थित थे।कव्वाली और नृत्य-नाटिका लोकरंग समारोह के तीसरे दिन 28 जनवरी को देशराग में उत्तरप्रदेश के कव्वाल अपनी प्रस्तुति देंगे। आदि शिल्पी के अंतर्गत चन्द्रमाधव बारीक के निर्देशन में नृत्य नाटिका प्रस्तुत होगी। इसी शाम 6 राज्यों के जनजातीय नृत्य होंगे। देशान्तर में आस्ट्रेलिया के कलाकार नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। निमाड़ के गणगौर और महाराष्ट्र के पारम्परिक गायन से सजेगी शाम लोकरंग समारोह के चौथे दिन 29 जनवरी को देशराग में महाराष्ट्र का पोवाड़ा गायन और मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल का गणगौर प्रस्तुत किया जायेगा। चौथी शाम को भी धरोहर में 6 राज्यों के जनजातीय लोकनर्तक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। देशान्तर में रूस के कलाकार नृत्य प्रस्तुत करेंगे। समारोह के पांचवें और आखरी दिन 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्य-तिथि के अवसर पर सूफी गायक ध्रुव सांगड़ी का गायन होगा। चित्र और पुस्तक प्रदर्शनी लोकरंग समारोह में उल्लास के अंतर्गत आगामी 30 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से बच्चों के रूझान अनुसार गतिविधियों का आयोजन हो रहा है। इसी तरह, प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से गोण्डों के कथा साक्ष्य की चित्र प्रदर्शनी गोण्डवानी,सौन्दर्य की नदी नर्मदा के जनजातीय कथा चित्रों की प्रदर्शनी और शाश्वत, मिट्टी के खेल-खिलौनों की एकाग्र प्रदर्शनी लगायी गई है। जनजातीय चित्र शिविर एवं जनजातीय चित्र सृजन सह-विक्रय की व्यवस्था भी है। विविध माध्यमों के शिल्प सृजन-सह विक्रय होगा। संस्कृति, कला और साहित्य आधारित पुस्तकें एवं अलग-अलग माध्यमों में शिल्प विक्रय की प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र है। व्यंजन मेला स्वाद के अंतर्गत लोकरंग के विशाल परिसर में व्यंजन मेला भी लगाया गया है। पाक कला में माहिर विभिन्न राज्यों के जनजातीय देशज व्यंजनों के व्यंजनकार खास शैली में व्यंजन तैयार कर रहे हैं। मेले में कला प्रेमियों को विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन लुभा रहे हैं।

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